पिलानी। सीएसआईआर–केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीरी), पिलानी का 74वाँ स्थापना दिवस समारोह सोमवार को संस्थान के मुख्य सभागार में गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तीन उत्पादों का मार्केट लॉन्च, चार प्रौद्योगिकियों का उद्योगों को हस्तांतरण (Technology Transfer) और पाँच समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
समारोह में विशिष्ट वैज्ञानिक एवं डीआरडीओ चेयर (एमेरिटस), पूर्व महानिदेशक (डीआरडीओ) तथा ब्रह्मोस एरोस्पैस के पूर्व सीईओ एवं एमडी डॉ. सुधीर मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। वहीं, सीएसआईआर-सीरी के पूर्व निदेशक एवं बिट्स-पिलानी के वरिष्ठ प्रोफेसर (एमेरिटस) व सलाहकार डॉ. चंद्र शेखर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
वार्षिक रिपोर्ट की ई-कॉपी का विमोचन और हीरक जयंती के लक्ष्य
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। सीएसआईआर-सीरी एवं सीएसआईआर-सीएसआईओ के निदेशक प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने स्वागत एवं उद्घाटन सम्बोधन दिया। उन्होंने बीते वर्ष में सीरी की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया और संस्थान के वर्तमान हीरक जयंती वर्ष के लक्ष्य निर्धारित किए। इस दौरान संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट की ई-कॉपी का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और अनुसंधान को उद्योगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से संस्थान-कर्मियों को उनकी सेवा अवधियों से सम्बन्धित सेवा-सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए।
स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और नवाचार की प्रदर्शनी
स्थापना दिवस के अवसर पर परिसर में सीएसआईआर-सीरी द्वारा विकसित एवं उद्योगों को हस्तांतरित की जा रही अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकियों की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में सेमीकंडक्टर, माइक्रोवेव डिवाइसेज, तथा इलेक्ट्रॉनिकी सिस्टम्स सहित विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों से जुड़ी तकनीकों और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य संस्थान की अनुसंधान उपलब्धियों को उद्योग और समाज तक पहुंचाना तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में स्वदेशी तकनीकों, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना था।
अनुसंधानों को वास्तविक उपयोग में बदलने पर बल
स्थापना दिवस सम्बोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्र शेखर ने सीरी की ऐतिहासिक यात्रा से लेकर वर्तमान तक के योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ. सुधीर मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में वैज्ञानिकों से अनुसंधानों को वास्तविक अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने का आह्वान किया।
समारोह का समापन डॉ. सुचंदन पाल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन तथा राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।




