मंड्रेला: कस्बा मंगलवार को आध्यात्मिक चेतना, श्रद्धा और सांस्कृतिक एकता का साक्षी बना, जब शांति कुंज हरिद्वार से पधारी पावन ज्योति कलश यात्रा मंड्रेला पहुँची। नगर के प्रमुख मार्गों और चौकों पर उमड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आरती और गायत्री मंत्र के उद्घोष के साथ इस दिव्य यात्रा का भव्य स्वागत किया। 100 वर्षों से अखंड प्रज्वलित दिव्य ज्योति और देश के प्रमुख तीर्थों की पावन रज व जल से युक्त यह यात्रा पूरे नगर में आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश फैलाती नजर आई।
शीतला चौक पर हुआ दिव्य रथ का भव्य आगमन
मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे जैसे ही ज्योति कलश यात्रा का दिव्य रथ मंड्रेला के शीतला चौक पहुँचा, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शंखनाद, ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और गायत्री मंत्र के सामूहिक जाप के बीच नगरवासियों ने दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर यात्रा का अभिनंदन किया। श्रद्धालुओं के अनुसार, पावन कलश में स्थापित अखंड ज्योति के दर्शन से आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव हुआ।
नगर भ्रमण के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
शीतला चौक से ज्योति कलश यात्रा शोभायात्रा के रूप में नगर भ्रमण पर निकली। भक्ति गीतों और जयघोष के बीच यात्रा होली चौक स्थित श्री गायत्री मंदिर पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इसके पश्चात दोपहर दो बजे वार्ड नंबर एक के बालाजी मंदिर चौक, पीपलों का मोहल्ला और फिर दोपहर सवा तीन बजे वार्ड पच्चीस स्थित बाबा लच्छीरामजी बगीची, रामलीला मैदान में यात्रा का भावपूर्ण स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता दिखाई दी।
100 वर्षों की अखंड ज्योति का आध्यात्मिक संदेश
श्रद्धालुओं ने बताया कि इस ज्योति कलश में केवल दिव्य अग्नि ही नहीं, बल्कि भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों की पावन रज और जल भी समाहित हैं। यह यात्रा धार्मिक अनुष्ठान से आगे बढ़कर समाज में संस्कार, नैतिकता और सामूहिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम बनती नजर आई।
समाज में संस्कार और सद्भाव का संदेश – रमेश तुलस्यान
गायत्री शक्ति पीठ के प्रतिनिधि रमेश तुलस्यान ने कहा कि ज्योति कलश यात्रा समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का प्रतीक है। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को जागृत करने का सशक्त प्रयास है। मंड्रेला के नागरिकों द्वारा दिखाया गया प्रेम और सहभागिता वास्तव में प्रेरणादायक है।
सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक – विनोद सिंह निर्वाण
भामाशाह और सामाजिक कार्यकर्ता विनोद सिंह निर्वाण ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उनके अनुसार, ज्योति कलश यात्रा ने मंड्रेला को एक सूत्र में बांधते हुए सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नगर की सांस्कृतिक जड़ें आज भी मजबूत हैं।





