चिड़ावा: तेजाजी भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। क्यामसर में 5 बीघा भूमि पर 165 फीट ऊंचे भारत के सबसे बड़े तेजाजी मंदिर का निर्माण शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय जाट महासंघ की अगुवाई में 12 दिसंबर को भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
चिड़ावा स्थित महालक्ष्मी ज्वैलर्स में आयोजित बैठक में मनरूप सिंह माठ की अध्यक्षता में तेजाजी मंदिर का पोस्टर लॉन्च किया गया। इस दौरान कंवरपाल बलवदा, शीशराम डांगी, कैप्टन कुलदीप मान, रामनिवास थाकन और सत्यनारायण पूनियां ने मंदिर निर्माण की तैयारियों पर सुझाव दिए और इसे राजस्थान का प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की बात कही।
कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. विरेन्द्र क्यामसरिया को भूमि दान के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर राजेन्द्र बांगड़वा, अनिल खेदड़, विजेंद्र धनखड़, विरेन्द्र पूनियां, अत्तर सिंह काजला, दुलिचंद लमोरिया, सुनिल झाझडिया, हरपाल पूनिया, कमल पूनियां, और अन्य पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर मंदिर निर्माण के संकल्प को मजबूत किया।
कर्मवीर पूनियां, अशोक बुडानिया, रणधीर चौधरी, हरिश फोगाट, कर्मवीर श्योराण, जयसिंह बराला, कमल सिंह, नितेश डांगी और अमित बेनिवाल सहित बड़ी संख्या में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि तेजा सेना और राष्ट्रीय जाट महासंघ के सहयोग से 12 दिसंबर को होने वाले भूमिपूजन में भव्य व्यवस्था की जाएगी। सभी ने मिलकर कहा कि इस दिन हजारों की संख्या में तेजा भक्त क्यामसर पहुंचकर इतिहास रचेंगे।




