झुंझुनूं: शहर में चूरू रोड स्थित मन्नत मोटर्स गैराज पर हुई आगजनी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। देर रात बदमाशों ने बोतल बम जैसी तकनीक अपनाते हुए 16 गाड़ियों को जला डाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता अनिल कुमावत के भाई विनोद कुमावत और भांजे निखिल कुमावत को पकड़ लिया है, जबकि अनिल अब भी फरार है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अनिल कुमावत वारदात का मास्टरमाइंड है। गिरफ्त में आए विनोद कुमावत और निखिल कुमावत से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। अनिल और उसके अन्य साथी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। चार विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच के दौरान गैराज के पीछे झाड़ियों में तीन टूटे सीसीटीवी कैमरे मिले, जिन्हें पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने नष्ट किया था। पुलिस को वहां से ज्वलनशील पदार्थ से भरी कई कांच की बोतलें मिलीं, जबकि अंदर भी 7-8 बोतलें पड़ी मिलीं। इससे स्पष्ट है कि आग लगाने के लिए ‘बोतल बम’ जैसे हथकंडे अपनाए गए।
आगजनी की खबर के बाद सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटे रहे। मामले की गंभीरता देखते हुए ASP देवेंद्र सिंह राजावत और DSP गोपाल सिंह ढाका मौके पर मौजूद रहे। सदर थानाधिकारी मांगीलाल मीणा के साथ रामनिवास और FSL टीम ने विस्तृत जांच कर साक्ष्य एकत्रित किए।
14 नवंबर को अनिल कुमावत और साहिब पर इमरान भारू की स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ का मामला दर्ज हुआ था। तब पुलिस ने इन दोनों को पकड़कर पाबंद किया था। इसके बाद 24 नवंबर को फिर मन्नत मोटर्स के बाहर वाहनों में नुकसान किया गया। इसी कड़ी में बीती रात गैराज में बड़े पैमाने पर आगजनी कर दी गई।




