चिड़ावा, 31 मार्च 2025: रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले पूर्व संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी कैलाश चतुर्वेदी को काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा विद्या वाचस्पति (डॉक्टरेट समतुल्य) की मानद उपाधि प्रदान की गई।

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नई दिल्ली में हिंदू नव वर्ष चैत्र प्रतिपदा के अवसर पर आयोजित नववर्ष अभिनंदन समारोह में यह उपाधि प्रदान की गई। समारोह में प्रमुख महामंडलेश्वर महर्षि भारद्वाज सनातन अखाड़ा के कृष्णानंद, अंतर्राष्ट्रीय संत आत्मानंद, वरिष्ठ लेखिका ममता नवरैया, विद्यापीठ के कुलाधिपति सुख मंगल सिंह ‘मंगल’ और कुलपति संभाजी राजाराम बाविस्कर उपस्थित रहे।

संस्कृत भाषा, हिंदी राजभाषा सेवा, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, सारस्वत साधना, महनीय शोध कार्य, समाज सेवा, भामाशाहों को प्रेरित करने और स्वयं भामाशाह के रूप में सेवा करने के लिए चतुर्वेदी को यह सम्मान दिया गया।

कैलाश चतुर्वेदी को मिली इस उपाधि पर कस्बे में हर्ष का माहौल है। डॉ. मामराज शर्मा, डॉ. किशन लाल उपाध्याय, डॉ. शिवचरण शर्मा, संस्कृत भारती झुंझुनू के उपाध्यक्ष संतोष कौशिक, महामंत्री कृष्णानंद शर्मा, डॉ. बी.एल. वर्मा, बाबूलाल वर्मा, मदन डारा, प्रमोद शर्मा, गोपाल मिश्र, राजन सहल, कैलाश शर्मा, सुशील शर्मा, महेश शर्मा, अमित शर्मा, जे.पी. शर्मा, सज्जन शर्मा, दामोदर शर्मा, अनिल अनमोल, आकांक्षा, विजय भूषण, मधुसूदन शर्मा, महावीर सिंह चौहान, गजेंद्र शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों और इष्ट मित्रों ने उन्हें बधाई दी।

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चतुर्वेदी की उपलब्धि को लेकर क्षेत्र में गौरव और सम्मान की भावना देखी जा रही है। उनके शिक्षा और समाज सेवा के प्रति समर्पण को सराहा जा रहा है।

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