जयपुर: लोकसभा चुनाव के परिणामों से उत्साहित प्रदेश कांग्रेस ने अब विधानसभा उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को दौसा, झुंझुनूं, देवली- उनियारा, खींवसर और चौरासी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तैयारियों के लिए चार-चार सदस्यों की समन्वय समिति का गठन किया है। कमेटी के सदस्य विधानसभा सीटों पर ब्लॉक, मंडल व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर ग्रास रूट लेवल के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे और उनसे जमीनी फीडबैक लेंगे। साथ ही कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर मतदाताओं से सम्पर्क करने के लिए निर्देश भी देंगे।
निम्नलिखित नियुक्तियां की गई हैं:
विधानसभा क्षेत्र झुंझुनू:
- बृजेन्द्र सिंह ओला, सांसद
- रामसिंह कस्वा, प्रभारी महासचिव
- दिनेश सूण्डा, जिला अध्यक्ष
- मनोज मेघवाल, विधायक
विधानसभा क्षेत्र दौसा:
- मुरारीलाल मीणा, सांसद
- पुष्पेन्द्र भारद्वाज, महासचिव
- रामजीलाल ओड, जिलाध्यक्ष
- रफीक खां, विधायक
विधानसभा क्षेत्र देवली-उनियारा:
- हरीश मीणा, सांसद
- प्रशांत शर्मा, प्रभारी महासचिव
- हरिप्रसाद बैरवा, जिला अध्यक्ष
- विकास चौधरी, विधायक
विधानसभा क्षेत्र खींवसर:
- जाकिर हुसैन, जिलाध्यक्ष
- डूंगर राम गेदर , विधायक
- हेम सिंह शेखावत, मुख्य संगठक, प्रदेश सेवादल
- अभिषेक चौधरी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, एनएसयूआई
विधानसभा क्षेत्र चौरासी:
- रतन देवासी, प्रभारी उपाध्यक्ष
- बल्लभ राम पाटीदार, जिला अध्यक्ष
- पुष्कर लाल डांगी, विधायक
- रामलाल मीणा, पूर्व विधायक
झुंझुनूं, दौसा और देवली-उनियारा के लिए गठित समन्वय समिति में मौजूदा सांसदों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा समितियों में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों को भी शामिल किया गया है। आपको बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस ने इस बार लोकसभा चुनावों में 8 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि तीन सीटों पर गठबंधन प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।
झुंझुनूं, दौसा और देवली उनियारा विधानसभा सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा था लेकिन झुंझुनूं से विधायक बृजेंद्र ओला, दौसा शहर से विधायक मुरारी लाल मीना और देवली उनियारा से विधायक हरीश मीना के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद तीनों ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। जबकि खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल नागौर और चौरासी से बीएपी विधायक राजकुमार रौत के भी बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सीट पर सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में अब इन पांच विधानसभा सीटों पर अक्टूबर-नवंबर माह में उपचुनाव होने हैं।
इस निर्णय के साथ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।






