नई दिल्ली: हर वर्ष 15 अगस्त को देशभर की निगाहें राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर टिकी रहती हैं, जहां प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित करते हैं। इस बार का स्वतंत्रता दिवस कुछ खास होने जा रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के लिए सीधे जनता से सुझाव मांगे हैं। यह 79वां स्वतंत्रता दिवस होगा और नरेंद्र मोदी लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि वह इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में जनता की बातों को भी स्थान देना चाहते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे उन मुद्दों और विचारों को साझा करें, जिन्हें वे इस बार के भाषण में शामिल होते देखना चाहते हैं। इसके लिए MyGov पोर्टल और NaMo ऐप पर एक ओपन फोरम उपलब्ध कराया गया है, जहां लोग 12 अगस्त तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। यह प्रक्रिया 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री ने इस तरह की पहल की हो। इससे पहले भी वह अपने विभिन्न कार्यक्रमों, जैसे ‘मन की बात’, के लिए आम लोगों से सुझाव आमंत्रित कर चुके हैं। उदाहरण के तौर पर 30 मार्च को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम से पहले भी प्रधानमंत्री ने जनता से राय मांगी थी, जिसे बाद में आकाशवाणी के हिंदी प्रसारण के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया गया।

प्रधानमंत्री की यह पहल इस विचार को साकार करती है कि लोकतंत्र में केवल नेताओं की नहीं, बल्कि हर नागरिक की आवाज़ महत्वपूर्ण है। जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के इस प्रयोग से यह भी प्रतीत होता है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का भाषण केवल सरकार की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसमें जन-आकांक्षाओं की झलक भी देखने को मिलेगी।

इस प्रक्रिया से जुड़ने के लिए लोग MyGov पोर्टल या NaMo ऐप पर जाकर अपने विचार दर्ज करा सकते हैं। ऐसे प्रयास न केवल राष्ट्रीय पर्व को जन-जन से जोड़ते हैं, बल्कि देश के विकास के एजेंडे में आम जनता को भी भागीदार बनाते हैं।

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