मणिपुर: अशांत चुराचांदपुर जिले में सोमवार को दोपहर के समय एक भीषण घटना में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों में एक 72 वर्षीय महिला भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, हमला चुराचांदपुर शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित मोंगजांग गांव के पास उस वक्त हुआ जब चारों लोग एक कार में सफर कर रहे थे।

हमलावरों ने घात लगाकर पीड़ितों की गाड़ी को निशाना बनाया और नजदीक से गोलियां चलाईं। घटनास्थल से 12 से अधिक खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। मृतकों की पहचान थेनखोथांग हाओकिप उर्फ थापी, सेखोगिन, लेंगोउहाओ और फाल्डिंग के रूप में की गई है।

इस हमले की जिम्मेदारी यूनाइटेड कूकी नेशनल लिबरेशन आर्मी (UKNLA) ने एक बयान जारी कर ली है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

वहीं दूसरी ओर, मणिपुर में राजनीतिक तनाव भी बढ़ता दिख रहा है। राज्य के आंतरिक क्षेत्र से लोकसभा सदस्य अकोइजाम बिमोल अंगोमचा को केंद्रीय बलों द्वारा इंफाल घाटी के बाहरी इलाके में स्थित फोगाकचौ इखाई गांव जाने से रोक दिया गया। यह गांव मेइती बहुल बिष्णुपुर और कुकी बहुल चुराचांदपुर जिलों की सीमा पर स्थित है।

कांग्रेस सांसद अकोइजाम बिमोल ने आरोप लगाया कि राज्य में बफर जोन के नाम पर एक असंवैधानिक रेखा खींची गई है, जो सांप्रदायिक ताकतों के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि उन्हें फोगाकचौ-इखाई माखा लेईकाई कीथेल क्षेत्र में अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने से रोकना संविधान का उल्लंघन है।

सांसद ने कहा कि उस इलाके में भारतीय सेना सहित भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं और इस स्थिति से आम नागरिकों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। मणिपुर में बीते एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे जातीय संघर्ष के बीच यह घटना एक और गंभीर संकेत मानी जा रही है।

राज्य प्रशासन द्वारा अब तक हमले में मारे गए लोगों की मौत की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन चुराचांदपुर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा चौकसी और बढ़ा दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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