जिले में वांछित अपराधियो की धरपकड़ हेतु चलाए गए विशेष अभियान में चिड़ावा पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के प्रकरण में 17 साल से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को सूरत (गुजरात) से गिरफतार किया है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ओजटू निवासी विवाहिता ने अपने पति और सास-ससुर के विरुद्ध 02.06.2006 को चिड़ावा थाने में दहेज प्रताड़ना के मामले में परिवाद दर्ज करवाया था। पुलिस ने मामले में विवाहिता के सास-ससुर मंदरूप व सरबती देवी निवासी किढवाना, थाना सूरजगढ़ को अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया था। लेकिन मुख्य आरोपी विकास पुत्र मंदरूप सिंह, जाति जाट, निवासी किढवाना, थाना सूरजगढ जिला झुंझुनू प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही फरार था। न्यायालय एमजेएम कोर्ट चिड़ावा द्वारा आरोपी विकास को
02.07.2010 को फरार घोषित किया गया था।
सूरत से किया गिरफ्तार
पुलिस ने अनुसंधान के बाद तकनीकि साक्ष्य के आधार पर आरोपी विकास को सूरत गुजरात से दिनांक 22 दिसंबर, 2023 को गिरफतार किया। आरोपी विकास ने पूछताछ में बताया कि 17 साल से फरारी के दौरान जयपुर, बंगलौर, अहमदाबाद, सूरत (गुजरात) में रहकर ईंट-भट्ठों पर मजदूरी की व ट्रकों पर रह कर ड्राईवरी की। आरोपी 2005 में सूरजगढ़ थाने में दर्ज मारपीट के एक मामले में भी स्थाई वारंटी है।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम में चिड़ावा एसएचओ विनोद कुमार सामरिया, एसआई राजपाल, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, दिनेश कुमार, कांस्टेबल अमित सिहाग, विकास डारा, अंकित कुमार, अमित तथा बाबूलाल शामिल थे। विशेष योगदान कांस्टेबल अमित सिहाग का रहा।