चिड़ावा: झुंझुनू जिले के कुम्हार समाज के लिए बड़ी खुशखबरी है। चिड़ावा में श्रीयादे माटी कला बोर्ड की ओर से भेजी गई स्वचालित इलेक्ट्रिकल चाक मशीनें पहुंच चुकी हैं। पिलानी और सूरजगढ़ विधानसभा के चयनित मिट्टी कलाकार अब आधुनिक तकनीक से आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। यह कदम स्थानीय मिट्टी कला उद्योग को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।
राज्य मंत्री व श्रीयादे माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टांक के नेतृत्व में भेजी गई 24 स्वचालित इलेक्ट्रिकल चाक मशीनें और मिट्टी गूंथने की मशीनें आज चिड़ावा पहुंचीं। इन्हें पिलानी और सूरजगढ़ विधानसभा के उन कुम्हार व मिट्टी कला कामगारों को आवंटित किया जाएगा जिन्हें हाल ही में लॉटरी के जरिए चयनित किया गया था।
कुम्हार कुमावत महासभा के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार कुमावत ने बताया कि मोरवाल मंगल भवन झुंझुनू में आयोजित लॉटरी में सात विधानसभा क्षेत्रों के कुल 158 आवेदकों में से 70 कामगारों का चयन किया गया था। इसी क्रम में पिलानी व सूरजगढ़ विधानसभा के मशीनें आवंटन प्रक्रिया आज चिड़ावा में शुरू हुई। उन्होंने कहा कि झुंझुनू और नवलगढ़ क्षेत्र में भी मशीनें पहुंच चुकी हैं।
पूर्व भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा और महासभा के जिला कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम ऑपरेटर ने बताया कि चयनित मिट्टी कला कामगारों के लिए 10 दिनों का प्रशिक्षण शिविर शुरू किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मिट्टी कला बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा लाभार्थियों को मशीनें प्रदान की जाएंगी।
महासभा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की आत्मनिर्भर भारत व स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति को मजबूत बनाती है। उन्होंने सरकार और प्रहलाद राय टांक के प्रति आभार जताया और कहा कि यह मशीनें कारीगरों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएंगी।




