सूरजगढ़, 30 जून: सूरजगढ़ नगरपालिका द्वारा पूर्व सूचना दिए बिना दुकानों को गिराने की कार्रवाई को लेकर कस्बे में विरोध उभर आया है। करीब चार दशक से अनुबंध पर संचालित दुकानों को अचानक ध्वस्त कर देने के विरोध में व्यापारियों और नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा के नेतृत्व में अधिशासी अधिकारी तौफीक खान से मिला और ज्ञापन सौंपा।

पीड़ित दुकानदारों महिपाल सैनी, प्रकाश सैनी और रमेश सेन ने बताया कि अधिशासी अधिकारी की अनुपस्थिति में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिवनंदन शर्मा ने मनमाने तरीके से दुकानों को तोड़वा दिया। इस कार्रवाई से उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों ने नगरपालिका चेयरमैन पति सेवाराम गुप्ता पर इस पूरी प्रक्रिया को सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम देने का आरोप लगाया।

प्रस्तुत ज्ञापन में शिवनंदन शर्मा पर पूर्व में अतिक्रमण करवाने के साथ-साथ शमशान भूमि के पास खुद भी अतिक्रमण कर दुकान निर्माण कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही पालिका में अनियमित पदोन्नति से प्राप्त वेतन-भत्तों की वसूली की मांग भी की गई है।

पूर्व चेयरमैन सुरेश शर्मा ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण और मनमानी बताते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तथा पीड़ित व्यापारियों को फिर से दुकानें आवंटित नहीं की गईं, तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। वाइस चेयरमैन रामस्वरूप जांगिड़ ने भी इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि न तो पार्षदों को सूचित किया गया और न ही इसके लिए कोई अधिकृत समिति बनाई गई।

ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, स्वायत्त शासन मंत्री, स्थानीय निकाय निदेशक और अन्य उच्चाधिकारियों को भी प्रेषित की गई हैं। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा पुनर्वास की मांग की है।

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