दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरिया में लगी भीषण जंगल की आग ने विनाश का व्यापक मंजर पेश किया है। कैलिफोर्निया में तबाही मचाने के बाद अब इस आग ने दक्षिण कोरिया के दक्षिणी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार अग्निशामक और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं।
200 से अधिक इमारतें जलकर खाक, 27 हजार लोग बेघर
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि आग ने अब तक 200 से अधिक इमारतों को राख में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा, 27 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। इसे दक्षिण कोरिया के इतिहास की सबसे भीषण जंगल की आग करार दिया जा रहा है।

राष्ट्रपति हान डक-सू का बयान
दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने इस आपदा को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “यह आग अब तक की सबसे भयानक आपदाओं में से एक है। नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। हमें अपनी पूरी ताकत झोंककर इसे जल्द से जल्द काबू में लाना होगा।”
राष्ट्रपति हान ने यह भी बताया कि रातभर तेज हवाओं के चलते राहत कर्मियों को आग बुझाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आग बुझाने के लिए करीब 4,650 दमकलकर्मी, सैनिक और अन्य कर्मचारी जुटे हुए हैं, जो 130 हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत कार्य चला रहे हैं।
1300 साल पुराना बौद्ध मठ जलकर खाक
दक्षिण कोरिया के आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र ने बताया कि इस आग ने देश की ऐतिहासिक धरोहर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। 1300 साल पुराना गौंसा मठ, जो 7वीं शताब्दी में निर्मित हुआ था, आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। कोरिया हेरिटेज सर्विस के अधिकारियों ने इस घटना को सांस्कृतिक धरोहर के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
हजारों एकड़ जंगल में फैली आग
अनुमानों के मुताबिक, यह आग अब तक लगभग 43,330 एकड़ भूमि को अपनी चपेट में ले चुकी है। एंडोंग, उइसोंग, सांचोंग और उल्सान जैसे शहर इस भीषण आग से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। देश के गृह मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

शुष्क हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
मंगलवार को अधिकारियों ने बताया कि दमकलकर्मियों ने कई इलाकों में आग की लपटों पर काबू पा लिया था। लेकिन शुष्क हवाओं और गर्म मौसम के कारण आग दोबारा भड़क उठी, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं। प्रशासन ने आग को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैनात कर दिए हैं।