पटना, बिहार: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राऊ आईएएस कोचिंग सेंटर में भारी बारिश के कारण पानी भरने से तीन UPSC छात्रों की दुखद मौत के बाद, देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई है, विशेषकर बिहार की राजधानी पटना में।
पटना में जांच की पहल
पटना के एसडीएम श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर ने शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की जांच करने का आदेश दिया है। इस क्रम में उन्होंने कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों का दौरा किया, जिसमें सबसे पहले खान सर के GS रिसर्च सेंटर की जांच की गई। जांच दल ने कोचिंग सेंटर से संबंधित सभी आवश्यक सर्टिफिकेट और सुरक्षा दस्तावेज मांगे। इसके अलावा, ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर भी जांच के दायरे में आया, जहां प्रशासन ने इसी तरह के दस्तावेजों की मांग की।
खान सर के कोचिंग सेंटर में असहजता
जांच के दौरान खान सर, जो पटना में अपने GS रिसर्च सेंटर के लिए प्रसिद्ध हैं, ने जांच टीम और मीडिया की उपस्थिति में असहजता दिखाई। उन्होंने प्रशासन से सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा। एसडीएम खांडेकर ने बताया कि दोनों कोचिंग संस्थानों ने आवश्यक सर्टिफिकेट देने के लिए कुछ वक्त की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं में खामियां
एसडीएम ने बताया कि जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम नहीं पाए गए। कई संस्थानों के पास फायर एनओसी भी नहीं है। इसके अलावा, अधिकतर जगहों पर सीमित स्थान में अधिक संख्या में छात्रों को पढ़ाया जा रहा है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।
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प्रशासन की सख्ती
पटना जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। खान सर ने भी सभी दस्तावेजों को प्रस्तुत करने का वादा किया है और जल्द ही कार्यालय में सभी दस्तावेज जमा करेंगे। प्रशासन का यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।





