‘मत कहना चेतावनी नहीं दी’, बांग्लादेश में बड़ी कार्रवाई की आहट?

बांग्लादेश: बांग्लादेश में सियासी माहौल में इन दिनों अत्यधिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के सूचना सलाहकार नाहिद इस्लाम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार को नाहिद इस्लाम ने यूनुस को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसके बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यह इस्तीफा बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

आर्मी चीफ का चेतावनी भरा बयान

नाहिद इस्लाम के इस्तीफे के बाद, बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार-उज्जमान ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं को चेतावनी दी है। यह कार्यक्रम पिलखाना नरसंहार की बरसी पर आयोजित किया गया था। आर्मी चीफ ने नेताओं से आग्रह करते हुए कहा, “अगर आप अपने मतभेदों को भूलाकर मिलकर काम नहीं करते और एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, तो देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि देश के नेता आपस में लड़ने में व्यस्त हैं, जिससे शरारती तत्वों को माहौल बिगाड़ने का मौका मिल रहा है।

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वकार-उज्जमान ने आगे कहा, “देश की कानून व्यवस्था खराब होने के कुछ कारण हैं। पहला कारण यह है कि हम आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं। अगर आप अपने मतभेदों को नहीं भुलाते हैं, तो इससे दिक्कत होगी और देश की संप्रभुता जोखिम में पड़ जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यह चेतावनी व्यक्तिगत एजेंडा से नहीं, बल्कि देश की भलाई के लिए है।

शांति की ओर कदम बढ़ाते हुए सेना का दखल

आर्मी चीफ ने यह स्पष्ट किया कि जब तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार नहीं बनती, तब तक सेना ही देश की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी लेगी। सेना प्रमुख ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शांति की बहाली है, और उन्होंने नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने मतभेदों को भुलाकर देश के कल्याण के लिए मिलकर काम करें।

मोहम्मद यूनुस सरकार के दौरान बढ़ी हिंसक घटनाएं

इस बीच, मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हो गई है। हालिया महीनों में हत्या, अपहरण, लूट और डकैती की घटनाओं में तेज उछाल आया है। इन घटनाओं ने देश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पिछले कुछ महीनों में विशेष रूप से हिंदू समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसे लेकर भारत ने अपनी चिंता व्यक्त की है।

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अवामी लीग सरकार का पतन और यूनुस सरकार का आगमन

पिछले पांच अगस्त को, बांग्लादेश की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देश की बागडोर संभाल ली थी। इस सत्ता परिवर्तन के बाद से ही देश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इससे पहले, हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के तहत भी बांग्लादेश में आर्थिक और राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो चुकी थी, लेकिन अब यूनुस सरकार के दौर में हालात और भी बिगड़ गए हैं।

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