चिड़ावा, 17 अप्रैल 2025: जब भीषण गर्मी में इंसान तक पानी की बूंद के लिए तरस रहा है, ऐसे कठिन समय में चिड़ावा की एक मां-बेटी की जोड़ी ने बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने का संकल्प लेकर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। ‘गर्ल्स पावर महिला मंडल चिड़ावा’ की सक्रिय सदस्या सरिता भाटिया और उनकी पुत्री यशस्वी भाटिया ‘परिंदे बचाओ, परिंडे लगाओ’ अभियान के तहत अपने घर की छत और आस-पास के पेड़ों पर दाना-पानी की नियमित व्यवस्था कर रही हैं।

भाटिया परिवार न केवल वर्तमान में बल्कि बीते कई वर्षों से पशु-पक्षियों की सेवा में जुटा हुआ है। सरिता और यशस्वी ने अपने घर की छत पर कई परिंडे लगाए हैं, जिनमें नियमित रूप से ताजा पानी और बाजरा, ज्वार जैसे दाने रखे जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने छायादार वृक्षों पर भी लकड़ी के सुरक्षित पक्षी-घर लगाए हैं ताकि पक्षियों को गर्मी और बारिश से बचाव के लिए सुरक्षित आश्रय मिल सके।
भाटिया परिवार सिर्फ सेवा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे ‘पशु-पक्षी पानी अभियान’ और ‘वृक्षारोपण कार्यक्रम’ जैसी गतिविधियों के जरिए समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य भी कर रही हैं। यशस्वी भाटिया, जो खुद एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता हैं, स्कूलों और मोहल्लों में बच्चों और महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के प्रति प्रेरित करती रहती हैं।

महिला मंडल की सराहना
गर्ल्स पावर महिला मंडल चिड़ावा की मंडल संयोजिका पूजा शर्मा ने सरिता और यशस्वी के इस प्रयास की खुले दिल से प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि “आज जब गर्मी अपने चरम पर है और पशु-पक्षी तड़प रहे हैं, ऐसे में यह मां-बेटी की जोड़ी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह कार्य केवल दया भाव नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च भावना का प्रतीक है, जिसे हर घर तक पहुंचाना चाहिए।”




