झुंझुनूं: माटी कला बोर्ड द्वारा आयोजित लॉटरी कार्यक्रम में जिले के 70 माटी कला कामगारों को आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूथने की मशीनें मिलने का रास्ता साफ हुआ है। कार्यक्रम ने न केवल स्थानीय कारीगरों में उत्साह भरा बल्कि परंपरागत माटी कला को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ।
झुंझुनूं के मोरवाल मंगल भवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में माटी कला को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आधुनिक चाक और मिट्टी गूथने की मशीनों का चयन किया गया। जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कुल 158 कामगारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनमें से 70 कारीगरों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया से किया गया। इस पहल से झुंझुनूं जिले में माटी कला को तकनीकी मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
चयनित 70 कामगारों को मिलने वाली आधुनिक मशीनें उनके कार्य में तकनीकी सुधार लाने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगी। यह पहल पारंपरिक माटी कला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। झुंझुनूं जिले के कारीगरों के लिए यह कार्यक्रम माटी कला क्षेत्र को नई ऊर्जा देने का बड़ा अवसर लेकर आया है।

लॉटरी पूरी होने के बाद उपस्थित जनों ने स्वर्गीय बसंत मोरवाल को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में मौजूद कारीगरों ने माटी कला के पुनरुत्थान के लिए राजस्थान सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की। कारीगरों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और माटी कला बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टॉक के प्रति आभार व्यक्त किया।
लॉटरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सहायक प्रशासनिक अधिकारी माटी कला बोर्ड रोहित चौधरी ने प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की, वहीं भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष जयसिंह माठ, चिड़ावा के पूर्व मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, युवा मोर्चा महासभा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, महिला मोर्चा महासभा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी, पार्षद झुंझुनूं अशोक प्रजापति, रतन मोरवाल, अशोक सिरस्वा, रामनिवास, विनोद और सुरेंद्र भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिले के अनेक मिट्टी कामगार बड़ी संख्या में पहुंचे और योजना के प्रति अपना उत्साह जताया।




