चिड़ावा: डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड और OTP स्कैम के खतरे को देखते हुए एम.डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन चिड़ावा में एक दिवसीय साइबर क्राइम जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एम्पावरिंग राजस्थान यूथ, ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026 के तहत आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चिड़ावा न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नरेन्द्र सिंह ने की। राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को डिजिटल फ्रॉड, साइबर बुलिंग, स्टॉकिंग, ब्लैकमेलिंग और गेमिंग फ्रॉड जैसे गंभीर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि आजकल अपराधी डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड और फर्जी गेमिंग ऐप्स के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को वास्तविक घटनाओं के उदाहरण देकर सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम की सबसे खास पहल रही स्कूल परिसर में ‘साइबर क्राइम प्रोटेक्शन बॉक्स’ लगाने की घोषणा। इस बॉक्स में विद्यार्थी अपनी शिकायतें, डर या साइबर ठगी से जुड़े अनुभव गुप्त रूप से डाल सकेंगे। ये सभी शिकायतें सीधे विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचेंगी, जहां उनका समाधान किया जाएगा।

एम.डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन सुनील कुमार डांगी ने कहा कि तकनीक ने जहां सुविधाएं बढ़ाई हैं, वहीं अपराधियों को भी नए अवसर दिए हैं। उन्होंने छात्रों को सतर्क रहने और किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने की सलाह दी।
एम.डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन शिक्षा के क्षेत्र में अपने नवाचार और उत्कृष्ट परिणामों के लिए जाना जाता है। यहां वर्तमान में आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में संस्थान के सभी सदस्य उपस्थित रहे।




