चिड़ावा: पंचायत समिति सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंटेको प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ चिड़ावा के विकास अधिकारी ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों को समन्वयक सुधीरा ने पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2.0 के माध्यम से ग्रामीण विकास के विभिन्न मापदंडों पर प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, समाज कल्याण, चिकित्सा, महिला एवं बाल विकास, रसद, पशुपालन, जलग्रहण, मत्स्य और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला के दौरान बिजली, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, प्राथमिक शिक्षा, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और साक्षरता जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए आगामी रणनीतियों और योजनाओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला का मूल उद्देश्य पंचायतों को प्रशासनिक और विकासात्मक दृष्टि से मजबूत बनाना था, ताकि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें। प्रशिक्षण में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2.0 के आंकड़ों के अनुसार योजनाएं बनाने और क्रियान्वयन की दिशा तय करने से पंचायतें अधिक सशक्त होंगी। इससे न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण जनता तक योजनाओं का लाभ भी प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्यशालाएं ग्राम पंचायतों की कार्यशैली को व्यवस्थित करने में मददगार होंगी और गांवों में विकास की गति को नया आयाम देंगी। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र के जीवनस्तर को सुधारने में कारगर साबित हो सकती है। चिड़ावा में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक समन्वय का उदाहरण बना, बल्कि विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में भी देखा गया।