नवलगढ़: पंजाब नेशनल बैंक नवलगढ़ शाखा में सामने आए फर्जी गोल्ड लोन घोटाले ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के गोल्ड गबन के इस मामले में नवलगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड और बीसी संचालक संतोष सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नकली सोना रखकर असली गोल्ड गायब किया, फर्जी खातों के जरिए गोल्ड लोन उठाया और पकड़े जाने से बचने के लिए बैंक में डकैती की साजिश तक रच डाली।
शेयर मार्केट नुकसान से शुरू हुई साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पूर्व बैंक मैनेजर अमित जांगिड को शेयर मार्केट में करीब 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसी आर्थिक दबाव के चलते उसने बैंक के अंदर ही फर्जी गोल्ड लोन अकाउंट खुलवाने की योजना बनाई। इस पूरे खेल में बैंक में बीसी चलाने वाले संतोष सैनी ने अहम भूमिका निभाई। आरोप है कि परिवारजनों, परिचितों और जानकारों के नाम से ऑनलाइन खाते खुलवाकर, बैंक में ही ओटीपी हासिल किए गए और गोल्ड लोन की राशि निकाली गई।
नकली सोना, असली गोल्ड गायब और बैंक सेफ में हेराफेरी
अनुसंधान में सामने आया कि बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में रखे गोल्ड सेफ से असली सोना निकालकर उसकी जगह नकली ज्वैलरी रख दी गई। यह सेफ ड्यूल कंट्रोल सिस्टम के तहत संचालित था, जिसकी संयुक्त जिम्मेदारी तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमित कुमार और अनंत प्रकाश चौधरी के पास थी। 28 जनवरी 2026 को उप-प्रबंधक सीमा महला द्वारा चार्ज लेते समय कई पैकेटों से छेड़छाड़ पकड़ी गई, जिसके बाद मामला उजागर हुआ।
डकैती की साजिश: 20 लाख एडवांस, DVR और सोना गायब करने का प्लान
पुलिस के अनुसार, आरोपी केवल गोल्ड गबन तक सीमित नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि अमित जांगिड और संतोष सैनी ने बैंक में डकैती डलवाने की पूरी साजिश रची थी। इसके लिए बाहर से किराए पर लोगों को बुलाने की योजना बनाई गई, 20 लाख रुपये एडवांस दिए गए और डकैती के जरिए सोना और DVR गायब करने का प्लान था, ताकि सारा दोष बाहरी अपराधियों पर डाला जा सके।
महिला मित्र और अन्य बैंकों में रखवाया गया असली सोना
जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि आरोपियों ने अपने विश्वासपात्र सहयोगियों के माध्यम से असली सोना अन्य बैंकों में रखकर वहां से भी गोल्ड लोन उठाया। इतना ही नहीं, अमित जांगिड की एक महिला मित्र के नाम से भी बैंक में जमा सोना रखवाकर दूसरे बैंक से गोल्ड लोन करवाया गया।
मथुरा से गिरफ्तारी, आत्महत्या की कोशिश की आशंका
मुख्य आरोपी अमित जांगिड को पुलिस ने मथुरा-वृंदावन (उत्तर प्रदेश) से दस्तयाब किया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि वह रेल के आगे कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास करना चाहता था। पुलिस ने समय रहते उसे हिरासत में ले लिया। वहीं संतोष सैनी को नवलगढ़ से गिरफ्तार किया गया।
अकूत संपत्ति का खुलासा: कारें, बुलेट, डेयरी फार्म और बीमा
पुलिस जांच में अमित जांगिड के पास दो महंगी कारें, एक बुलेट बाइक, सीकर के पॉश इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान, गांव में 100 से अधिक देशी-विदेशी नस्ल की गायों का डेयरी फार्म और दो पिकअप गाड़ियां होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा उसने अपने नाम से करीब 4 करोड़ रुपये का बीमा भी करवा रखा था और पत्नी के नाम से गुढ़ा क्षेत्र में जमीन खरीदी गई थी। वहीं मात्र 5 हजार रुपये मासिक आय दर्शाने वाले संतोष सैनी के पास भी कई दुकानें, प्लॉट और मकान पाए गए हैं।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम, आगे और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और वृताधिकारी महावीर सिंह के सुपरविजन में नवलगढ़ थानाधिकारी अजय सिंह और डीएसटी प्रभारी सरदारमल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य सहयोगियों और संपत्तियों की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





