सुलताना: थाना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने बैंक खाते किराये पर देकर साइबर ठगी में सहयोग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया और व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए यूएसडीटी के नाम पर लोगों को ठगते थे। यह कार्रवाई साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और बैंक खाता फ्रॉड के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिससे आमजन को सतर्क रहने का संदेश दिया गया है।
चिड़ावा वृताधिकारी विकास धींधवाल के सुपरविजन में थानाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे “म्यूल अकाउंट ऑपरेशन” के तहत यह कार्रवाई की। इस अभियान का उद्देश्य साइबर ठगी में उपयोग होने वाले संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उड़ीसा और तेलंगाना जैसे राज्यों के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया। एनसीआरबी समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा में यह खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ताओं के खातों से कुल 46,03,630 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई थी।
जांच में यह पाया गया कि गोविन्द सिंह के खाते में 1,83,000 रुपये और अंकित कटेवा के खाते में 2,84,005 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ, जिससे कुल 4,67,005 रुपये की राशि साइबर ठगी से जुड़ी मिली। पूछताछ में गोविन्द सिंह ने बताया कि उसका बैंक एटीएम अंकित कटेवा द्वारा किराये पर लिया गया था और इसी खाते के माध्यम से ठगी की रकम प्राप्त की गई।
आरोपी अंकित कटेवा ने खुलासा किया कि वह रवि (निवासी फरटीया लुहारू, हरियाणा) के संपर्क में था और मिलकर संगठित गिरोह के रूप में लोगों के बैंक खाते किराये पर लेते थे। गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर “1212 ग्रुप” बनाकर यूएसडीटी और पैसे दोगुना करने के झांसे में लोगों को फंसाता था और उनके खातों से ठगी कर अवैध लाभ अर्जित करता था।
पुलिस थाना सुलताना में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(2), 61(2), 112(2) बीएनएस 2023 और 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
झुंझुनूं पुलिस ने आमजन और युवाओं से अपील की है कि वे पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता किसी भी अनजान व्यक्ति या साइबर ठग को उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





