झुंझुनूं: शहर में इंडियन अकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की नई कार्यकारिणी के गठन के साथ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें नई टीम ने जिम्मेदारी संभाली और विशेषज्ञों ने एलर्जी व इम्यूनोथेरेपी पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। होटल शिवांता बगड़ में हुए इस आयोजन में जिले के अधिकांश बाल रोग विशेषज्ञों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
होटल शिवांता बगड़ में इंडियन अकैडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स झुंझुनूं ब्रांच की नई कार्यकारिणी ने विधिवत पदभार ग्रहण किया। चिड़ावा के डॉक्टर अरुण सुरा को अध्यक्ष, झुंझुनूं के डॉ सुरेश मील को सचिव और डॉ रामरख को कोषाध्यक्ष चुना गया। पूर्व अध्यक्ष डॉ सुभाष भारद्वाज, पूर्व सचिव डॉक्टर प्यारेलाल काजल और डॉ दीपक खेदड़ ने नई टीम को जिम्मेदारी सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं और संगठन की आगामी योजनाओं पर भी चर्चा की।
पिलानी क्षेत्र के मशहूर एलर्जी विशेषज्ञ डॉ विकास बड़सरा ने बताया कि कार्यक्रम में IAP द्वारा एलर्जी पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें झुंझुनूं के लगभग सभी बाल रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। एलर्जिक राइनाइटिस पर जयपुर के डॉक्टर मोहित पोद्दार, झुंझुनूं के डॉक्टर विष्णु पंसारी और पिलानी के डॉ विकास बड़सरा ने नवीन मेडिकल अपडेट, उपचार पद्धतियों और इम्यूनोथेरेपी की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक इम्यूनोथेरेपी के माध्यम से अब कई प्रकार की एलर्जी का पूर्ण उपचार संभव होता जा रहा है।
मेडिकल अपडेट शेयरिंग के इस कार्यक्रम में डॉ नरेन्द्र, डॉ संजय, डॉ मनीराम बुगालिया, डॉ नेमीचंद, डॉ रघुवीर मील, डॉ राजेश, डॉ नयन और डॉ रणजीत गोरा सहित जिले के कई वरिष्ठ बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी चिकित्सकों ने नई कार्यकारिणी के गठन को संगठन के लिए सकारात्मक कदम बताते हुए यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम ज्ञान-वृद्धि और इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।




