80 हजार वेतन का झांसा देकर युवक को म्यांमार भेजा, साइबर ठगी में धकेला — झुंझुनू पुलिस ने आरोपी महेश कुमार को किया गिरफ्तार

झुंझुनू: शहर से एक बड़ा साइबर क्राइम खुलासा सामने आया है, जहां 80 हजार रुपये महीने की नौकरी का झांसा देकर युवक को म्यांमार भेजकर साइबर ठगी करवाने वाले आरोपी महेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। तमिलनाडु, दिल्ली और मिजोरम जैसे राज्यों में सक्रिय गिरोहों की तरह यह मामला भी मानव तस्करी, फर्जी जॉब ऑफर और इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का खतरनाक मॉडल उजागर करता है। झुंझुनू पुलिस की इस कार्रवाई ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है।

कोतवाली पुलिस को मिली रिपोर्ट के अनुसार, करीब तीन महीने पहले पीड़ित युवक की मुलाकात मण्ड्रेला रोड झुंझुनू निवासी महेश कुमार से हुई। महेश ने उसे बैंकॉक में 80 हजार रुपये मासिक वेतन वाली शानदार नौकरी दिलाने का वादा किया। इसी भरोसे में पीड़ित ने 30,000 रुपये गूगल पे से और 1,70,000 रुपये नकद दिए।

पीड़ित का आरोप है कि महेश कुमार के संपर्क में रहने वाले एजेंटों ने उसे थाईलैंड पहुंचाकर वहां से जंगलों के रास्ते म्यांमार भेज दिया, जहां पहाड़ी इलाके में उसे बंदी बनाकर साइबर ठगी करवाने पर मजबूर किया गया।

पीड़ित ने बताया कि म्यांमार में कई देशों के युवक कैद थे और उनसे अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। ठगी न करने पर एजेंट मारपीट कर अत्याचार करते थे। किसी भी पीड़ित को एक भी रुपये नहीं दिए जाते थे। बाद में पहरेदार मौके से भाग गए, जिसके बाद पीड़ित थाईलैंड आर्मी के पास पहुंचा और वहां से भारतीय एजेंसियों की मदद से उसे भारत भेजा गया।

पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन और वृताधिकारी गोपाल सिंह ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने आरोपी महेश कुमार को गिरफ्तार किया।

जांच में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, मानव तस्करी और साइबर अपराध में शामिल होने के साक्ष्य मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ और आगे की जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह गिरोह भारत से युवकों को बैंकॉक और थाईलैंड के जरिए म्यांमार के साइबर क्राइम कैम्पों में भेजता है। राजस्थान, हरियाणा और यूपी में ऐसे कई मामलों की जांच चल रही है।

जांच में कोतवाली थाना टीम में थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के साथ जयप्रकाश सिंह, मनरूप और बलराम शामिल रहे, जिन्होंने आरोपी को दस्तयाब कर पूछताछ शुरू की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!