नई दिल्ली: लाल किले के पास हुए कार धमाके (Delhi Red Fort Blast) ने पूरे देश को दहला दिया है। जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद मॉड्यूल (Faridabad Module) से जुड़े कई डॉक्टरों और मौलवियों के नेटवर्क का खुलासा किया है, जो युवाओं को कट्टरपंथ (Radicalization) की राह पर धकेल रहे थे। अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) से मिली एक संदिग्ध i20 कार ने इस केस में कई रहस्यों से पर्दा उठाया है।
दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा — डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल सक्रिय
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले (Red Fort) के पास सोमवार शाम हुए कार ब्लास्ट में डॉ. उमर उन नबी को मुख्य आरोपी बताया गया है। वह फरीदाबाद मॉड्यूल का सबसे कट्टरपंथी सदस्य बताया जा रहा है। इस मॉड्यूल में पहले से गिरफ्तार तीन डॉक्टर — डॉ. शाहीन शाहिद, डॉ. मुजम्मिल, और डॉ. अदील शामिल थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी ने पिछले दो वर्षों से अमोनियम नाइट्रेट जैसे उर्वरक-आधारित विस्फोटक जुटा रखे थे।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी बनी जांच का केंद्रबिंदु
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में खड़ी एक i20 कार ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। यह कार डॉ. उमर की थी, जिसे उसने 29 अक्टूबर को खरीदा था। कार से बरामद दस्तावेज़ों और डिजिटल डिवाइसेज़ से जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं। यूनिवर्सिटी के 12 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जिनमें कुछ छात्र, डॉक्टर और एक युवती शामिल हैं।
इस्तेमाल हुआ मिलिट्री-ग्रेड विस्फोटक, FSL रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में दो जिंदा कारतूस और दो प्रकार के विस्फोटक मिले हैं। एक अमोनियम नाइट्रेट, जबकि दूसरा अज्ञात मिलिट्री-ग्रेड विस्फोटक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विस्फोट अगर योजनाबद्ध तरीके से होता, तो दिल्ली में बड़ा हादसा हो सकता था।
मौलवियों का नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद की साजिश का खुलासा
जांच में यह बात भी सामने आई है कि फरीदाबाद मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों से जुड़ा था। शोपियां निवासी मौलवी इरफान अहमद वागे युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का काम कर रहा था। इसी नेटवर्क के जरिए डॉ. शाहीन शाहिद को भारत में जैश की महिला विंग की जिम्मेदारी दी गई थी। वह आतंकी मसूद अजहर की बहन के निर्देश पर काम कर रही थी।
उमर की मौत ने मोड़ा केस, शाहीन के घर यूपी एटीएस की छापेमारी
डॉ. उमर मोहम्मद की मौत इस केस में सबसे बड़ा मोड़ मानी जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उमर आतंकी मास्टरमाइंड के करीब पहुंच चुका था और शायद उसने कोई अहम जानकारी जान ली थी। इसी बीच यूपी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. शाहीन शाहिद के लखनऊ स्थित घर पर छापेमारी की है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक, लिखा गया बंद करने का संदेश
घटना के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को हैक कर लिया गया। हैकर्स ने “इस्लामिक जिहाद” के नाम पर धमकी भरा संदेश लिखा और यूनिवर्सिटी को बंद करने की बात कही। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद वेबसाइट को रिस्टोर कर लिया गया।
NIA ने संभाली जांच, सरकार ने माना आतंकी हमला
गृह मंत्रालय (MHA) ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। सरकार ने इसे आतंकी कृत्य (Terror Act) माना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “दिल्ली में जो भयानक घटना हुई, उसने सभी को दुखी किया है। साजिशकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा अलर्ट जारी
रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने दिल्ली ब्लास्ट पर गहरा दुख जताया। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अब राजधानी के सभी ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई-अलर्ट जारी कर दिया है।





