खेतड़ी: कस्बे के मुख्य बस डिपो परिसर में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर राहगीरों ने एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने युवती को खेतड़ी के राजकीय उप जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसे झुंझुनूं रैफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार युवती खेतड़ी बस स्टैंड पर बदहवास स्थिति में पड़ी मिली थी। पूछने पर वह कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी। इस दौरान राहगीरों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिस पर एंबुलेंस चालक अजीत सिंह निर्वाण और ईएमटी प्रकाश कुमार मौके पर पहुंचे और युवती को अस्पताल ले गए। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन तबीयत और बिगड़ने लगी। इसके बाद युवती के परिजनों को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल बुलाया गया। बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए युवती को झुंझुनूं के लिए रैफर कर दिया गया।
युवती की पहचान खरखड़ा निवासी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह बैंक के कार्य से खेतड़ी आई थी। जहरीला पदार्थ निगलने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। अस्पताल में उपचार के दौरान युवती के पास मौजूद बैग की जांच की गई, जिसमें तीन पैकेट जहरीला पाउडर, एक पानी की बोतल, एक कोल्ड ड्रिंक और एक रजिस्टर बरामद हुआ है। रजिस्टर से यह जानकारी सामने आई है कि युवती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी।
घटना की जानकारी मिलने के बावजूद खेतड़ी पुलिस की लापरवाही सामने आई। बताया गया कि युवती द्वारा जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना अस्पताल से पुलिस को दी गई थी, लेकिन अस्पताल से मात्र सौ मीटर दूर स्थित पुलिस टीम करीब आधे घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर प्रवीण कुमार शर्मा ने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन उनके आने से पहले ही युवती को झुंझुनूं भेजा जा चुका था। बाद में एचसी सुगन सिंह अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती ने यह कदम क्यों उठाया। अस्पताल में मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है।