महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मेला प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दो दिवसीय टेबलटॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन और विभिन्न विभागों के समन्वय पर जोर दिया गया।

आपदा प्रबंधन के लिए टेबलटॉप एक्सरसाइज

प्रयागराज के पुलिस लाइन में आयोजित इस दो दिवसीय एक्सरसाइज में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस विभाग, रेलवे, अग्निशमन विभाग सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। एक्सरसाइज को तीन सत्रों में विभाजित किया गया:

  1. पहला सत्र: मेला क्षेत्र के अंदर पैदल और वाहन यातायात, आवश्यक सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा।
  2. दूसरा सत्र: मेला क्षेत्र के बाहर मुख्य सड़कों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में भीड़ प्रबंधन पर चर्चा।
  3. तीसरा सत्र: मेला क्षेत्र में अग्निशमन, डूबने और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन।

समन्वय और ट्रेनिंग पर विशेष जोर

उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने स्वयं सरकारी विभागों और वॉलंटियर्स को ट्रेनिंग दी। गूगल मैप और वीडियो फिल्मों के माध्यम से मेला क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कराया गया। इसके अलावा, आपदाओं को रोकने और उनकी स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर बल दिया गया।

डिजिटल और AI तकनीक का उपयोग

महाकुंभ मेले की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में डिजिटल तकनीक और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का प्रमुख भूमिका निभाई जा रही है।

  • भीड़ प्रबंधन: मेले में 2500 कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
  • इंटीग्रेटेड कंट्रोल: डिजिटल कम्यूनिकेशन और चैटबोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • AI तकनीक: भीड़ और आपातकालीन स्थितियों को प्रबंधित करने में AI तकनीक का उपयोग होगा।

मॉक ड्रिल की तैयारी

24 दिसंबर को मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग फील्ड पर उतरकर संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करेगा। किसी भी तरह की खामियों को दूर करने के लिए विभाग लगातार बैठकों और अभ्यास सत्रों का आयोजन कर रहा है।

महाकुंभ 2025 की ऐतिहासिक तैयारी

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी तैयारी है। मेला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। हर विभाग को सेक्टर-वाइज जिम्मेदारी सौंपी गई है और उनकी तैयारियों की गहन समीक्षा की जा रही है।

भीड़ प्रबंधन और आपदा से बचाव के उपाय

  • आपातकालीन सेवाएं: अग्निशमन, स्वास्थ्य सेवाएं और जल सुरक्षा की व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
  • जनपद स्तर पर तैयारी: मेला क्षेत्र के अलावा प्रयागराज जिले के मुख्य सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • स्वास्थ्य संबंधी जोखिम: संभावित स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!