ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत-चीन द्विपक्षीय बैठक: सीमा विवाद के समाधान पर चर्चा

कजान, रूस: रूस के कजान में आयोजित 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 2019 के बाद पहली द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों के नेताओं ने सीमा विवाद के समाधान और आपसी संबंधों में सुधार पर गंभीरता से चर्चा की।

सीमा पर शांति और स्थिरता पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से बातचीत के दौरान कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और चीन के संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता से हमारे द्विपक्षीय संबंध बेहतर बन सकते हैं।”

प्रधानमंत्री ने इस बैठक के बाद अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, “कजान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण हैं।”

शी चिनफिंग का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान शी चिनफिंग ने खुशी जताते हुए कहा, “कजान में आपसे मिलकर खुशी हुई। यह हमारी पांच साल में पहली औपचारिक बैठक है, और इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और दोनों देशों के लोग ध्यान दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि चीन और भारत दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं और वैश्विक दक्षिण के प्रमुख सदस्य हैं। चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों के विकासशील प्रयासों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है, और यह आपसी हितों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय ने इस बैठक के बाद एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता पर जोर दिया, और दोनों देशों के बीच मतभेदों के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सीमा विवाद पर बातचीत जल्द ही फिर से शुरू होगी, ताकि दोनों देशों के संबंधों में सुधार हो सके।

सीमा विवाद पर समझौता

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी विवाद का समाधान होने की दिशा में दोनों देशों ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। चार वर्षों से जारी तनाव को खत्म करने के लिए गश्त व्यवस्था पर सहमति बनी है, जिससे सीमा पर तैनात हजारों सैनिकों की संख्या में कमी की संभावना है। इस समझौते को लागू करने के लिए चीन और भारत मिलकर काम करेंगे।

पीएम मोदी और शी-चिनफिंग की मुलाकात का वीडियो

सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में सुधार

बैठक से पहले, भारत सरकार ने यह घोषणा की थी कि चार साल से चल रहे सैन्य गतिरोध को सुलझाने के लिए चीन के साथ समझौता हुआ है। यह समझौता गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद उत्पन्न तनाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत के बाद यह सफलता हासिल की गई है।

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