झुंझुनूं: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चलाए जा रहे GIVE UP अभियान को लेकर झुंझुनूं जिले में प्रशासन ने अपात्र लाभार्थियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। यदि कोई परिवार पात्रता मानकों को पूरा नहीं करता है और फिर भी योजना का लाभ ले रहा है, तो 31 दिसंबर 2025 तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटाने पर नियमानुसार वसूली और कार्रवाई तय मानी जाएगी। जिला रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है।
GIVE UP अभियान क्या है और क्यों जरूरी है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सीमित रखने के उद्देश्य से सरकार द्वारा GIVE UP अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐसे परिवार, जो निर्धारित मापदंडों के अनुसार अपात्र हैं, वे स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटाकर सामाजिक जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इससे पात्र गरीब परिवारों को समय पर अनाज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
किन परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर होना होगा?
जिला रसद अधिकारी निकिता राठौड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित अधिसूचना के अनुसार वे परिवार योजना के लिए अपात्र माने जाते हैं, जिनमें किसी सदस्य द्वारा आयकर का भुगतान किया जाता है, या जो सरकारी, अर्द्ध सरकारी अथवा स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत हैं। इसके अलावा जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, जिनके पास चार पहिया वाहन है, या ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफीट से अधिक तथा शहरी क्षेत्र में 1500 वर्गफीट से अधिक का स्वयं का निर्मित आवास है, वे भी इस श्रेणी में आते हैं। निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि रखने वाले परिवार भी योजना के पात्र नहीं हैं।
31 दिसंबर तक कैसे हटवाएं नाम? जानिए पूरी प्रक्रिया
निकिता राठौड़ ने बताया कि अपात्र परिवार 31 दिसंबर से पहले ऑनलाइन माध्यम से GIVE UP अभियान के तहत आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आती है, वे नजदीकी ई-मित्र केंद्र से भी सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है, ताकि कोई भी अपात्र लाभार्थी आसानी से योजना से बाहर हो सके।
गेहूं नहीं ले रहे, फिर भी नाम जुड़ा है? हो सकता है स्वतः डिलीट
जिला रसद अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कई उपभोक्ता गेहूं उठाना बंद कर देते हैं, लेकिन योजना से नाम नहीं हटवाते। ऐसे मामलों में यदि कोई लाभार्थी लगातार छह माह से अधिक अवधि तक राशन नहीं उठाता है, तो उसका नाम स्वतः ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाएगा।
झुंझुनूं जिले में अब तक कितने नाम हटे?
झुंझुनूं जिले में विभागीय कार्रवाई के तहत अब तक 18,103 राशन कार्ड और उनसे जुड़े करीब 1,47,051 यूनिट को खाद्य सुरक्षा योजना से हटाया जा चुका है। अपात्र राशन कार्डों की सूची संबंधित उचित मूल्य दुकानदारों को भेज दी गई है और फील्ड स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है।
नाम नहीं हटाया तो क्या होगी कार्रवाई?
निकिता राठौड़ ने अपात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम अवसर का लाभ उठाएं। यदि तय समयसीमा के बाद भी कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ लेते हुए पाया गया, तो 30.57 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं की वसूली की जाएगी, साथ ही नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी संभव है।





