झुंझुनूं: जिले में बढ़ती शीतलहर और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ छोटेलाल गुर्जर ने प्रशासनिक सख्ती दिखाई है। जिला स्तर पर चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ठंड से मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में अस्पतालों की बुनियादी सुविधाओं, शीतलहर से बचाव, ऑनलाइन मेडिकल प्रक्रिया, टीबी स्क्रीनिंग और लाडो योजना भुगतान जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
शीतलहर के बीच अस्पतालों में विशेष इंतजाम के निर्देश
सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने निर्देश दिए कि जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए पर्याप्त गर्म कंबल और हीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सर्द हवाओं से बचाव के लिए खिड़कियों पर पर्दे लगाए जाएं और टूटे हुए दरवाजों व खिड़कियों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए, ताकि मरीजों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।
शीतलहर उपचार व दवाओं की उपलब्धता पर जोर
बैठक में सीएमएचओ ने सभी संस्थान प्रभारियों को निर्देशित किया कि शीतलहर से संबंधित उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाएं प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। इसके साथ ही अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठंड से बचाव के उपायों की जानकारी देकर जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
रेन बसेरों में स्वास्थ्य परीक्षण के आदेश
सीएमएचओ डॉ गुर्जर ने निर्देश दिए कि रेन बसेरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष टीमें भेजी जाएं। इन टीमों द्वारा मौके पर दवाएं वितरित की जाएं और वहां रहने वाले सभी व्यक्तियों की लाइन लिस्ट तैयार कर सुरक्षित रखी जाए, जिसकी रिपोर्ट सीएमएचओ कार्यालय को भिजवाना अनिवार्य होगा।
पोस्टमॉर्टम और एमएलसी रिपोर्ट अब ऑनलाइन अनिवार्य
बैठक में बीसीएमओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में भविष्य में पोस्टमॉर्टम और एमएलसी रिपोर्ट केवल ऑनलाइन मेडलीपार पोर्टल के माध्यम से ही तैयार की जाएं। सीएमएचओ ने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं करने वाले संस्थान प्रभारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लाडो योजना, टीबी स्क्रीनिंग और आभा आईडी पर फोकस
सीएमएचओ डॉ छोटेलाल गुर्जर ने लाडो योजना में भुगतान लंबित रखने वाले ब्लॉकों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि तत्काल टीमें बनाकर लाभार्थियों के आवश्यक दस्तावेज मंगवाकर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए सर्वे कराए जाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र मरीज निक्षय पोषण किट से वंचित न रहे। ओपीडी में आने वाले मरीजों को आभा आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
दिव्यांग सर्टिफिकेट और बायोमेडिकल रजिस्ट्रेशन पर निगरानी
बैठक में सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए किसी भी दिव्यांग व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाए। सीएचसी, एसडीएच और जिला अस्पताल स्तर पर इसकी निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा बीसीएमओ को अपने अधीन सभी स्वास्थ्य संस्थानों का बायोमेडिकल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करवाने और जर्जर भवनों को जमींदोज करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में आरसीएचओ डॉ दयानंद सिंह, डिप्टी सीएमएचओ बीएल सर्वा, डीटीओ विजय कुमार सहित जिले के सभी जिला अस्पताल और उप जिला अस्पतालों के पीएमओ तथा सभी बीसीएमओ उपस्थित रहे।





