चिड़ावा: अडूका गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार रात्रि को एक विशेष रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय और विद्यालय के बीच शिक्षा को लेकर सक्रिय संवाद स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता और अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेश पचार की उपस्थिति ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया।
चौपाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य बंशीधर ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना या डिग्री पाना नहीं रह गया, बल्कि इसका मूल मकसद छात्रों में नैतिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मविकास की भावना पैदा करना होना चाहिए।
चौपाल में मौजूद पूर्व उप सरपंच नरेंद्र सिंह और समाजसेवी मनोज स्वामी ने भी विद्यार्थियों के लिए संस्कारयुक्त शिक्षा की महत्ता पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी को शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक समाज में अपेक्षित सकारात्मक परिवर्तन नहीं आ सकता।
ग्राम पंचायत के अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना की। इनमें रोहिताश स्वामी, प्रताप सिंह मेघवाल, लीलाधर गुर्जर, मदनलाल शर्मा और सुरेश गुप्ता ने भाग लेकर विद्यालय की सक्रियता को सराहा और भविष्य में इस तरह के आयोजनों में सहयोग बनाए रखने का आश्वासन दिया।

विद्यालय स्टाफ ने इस चौपाल को पूरी गंभीरता से लिया और सभी शिक्षकों ने इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पूरे आयोजन के दौरान यह भावना स्पष्ट रूप से सामने आई कि यदि शिक्षा को समाज से जोड़ दिया जाए, तो उसका प्रभाव और अधिक गहरा और सकारात्मक होता है।
इस रात्रि चौपाल ने छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीण समुदाय के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित किया और यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के सहयोग और संस्कारों के साथ मिलकर ही पूर्ण होती है। आयोजन के समापन पर सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और इसे मूल्यों से जोड़ने में हर संभव प्रयास किया जाएगा।





