प्रयागराज में निषादराज गुह्य जयंती समारोह में बोले मुख्यमंत्री, वक्फ बोर्ड को बताया ‘भू-माफिया’
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वक्फ के नाम पर निषादराज की भूमि तक पर कब्जा किया गया और विपक्षी दलों के लिए वोट बैंक की राजनीति अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल से वक्फ बोर्ड की मनमानी पर रोक लगाई जा रही है और कानून में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं।
सीएम योगी प्रयागराज में निषादराज गुह्य जयंती समारोह में शामिल हुए, जहां उन्होंने वक्फ बिल और महाकुंभ को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने वक्फ बोर्ड पर सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कहा कि अब इस तरह की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वक्फ बोर्ड पर सीएम योगी का हमला
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “वक्फ बोर्ड शहरों में निराधार दावे करता रहा है। कुंभ मेले की तैयारियों के दौरान भी उन्होंने घोषणा की कि आयोजन की भूमि उनकी है। तब हमें पूछना पड़ा कि क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है?” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने इस तरह के अतिक्रमणों को हटाने के लिए कठोर कार्रवाई की है और भविष्य में भी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि वक्फ के नाम पर निषादराज से जुड़ी पवित्र भूमि सहित कई क्षेत्रों में अतिक्रमण किया गया, लेकिन उनकी सरकार ने इसे रोका और निषादराज की जयंती को भव्य रूप से मनाया। उन्होंने आगे कहा कि “कुंभ मेले का आयोजन भव्य और दिव्य रूप से किया गया, चाहे वक्फ बोर्ड को यह पसंद आया हो या नहीं।”
विधायी कार्रवाई की सराहना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है और इसके माध्यम से वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि “वक्फ बोर्ड की मनमानी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण अधिनियम पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिलने की संभावना है।”
योगी सरकार का सख्त रुख
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अब अवैध दावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा, “जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे, लेकिन अब यूपी में माफियागिरी नहीं चलेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि जब उनकी सरकार महाकुंभ का आयोजन करने जा रही थी, तब वक्फ बोर्ड दावा कर रहा था कि आयोजन की भूमि भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बोर्ड बन गया है? उत्तर प्रदेश में भू-माफिया अब नहीं टिक सकते। हमने उन्हें पहले ही प्रदेश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।”

वक्फ संपत्तियों की जांच के आदेश
योगी सरकार ने वक्फ संपत्तियों को लेकर सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, कई जिलों ने अभी तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, जिस पर अब शासन ने सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 57,792 सरकारी संपत्तियां वक्फ रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इनमें से कई संपत्तियों को अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों के रूप में पंजीकृत किया गया है, जो कानून का उल्लंघन है।
शाहजहांपुर, रामपुर, अयोध्या, जौनपुर, बरेली सहित कई जिलों से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिली हैं। ऐसे में अब लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।