लोकसभा चुनाव 2024: कौन हैं राजा भैया, जिनसे उत्तर प्रदेश में गठबंधन करना चाहते थे अखिलेश यादव?

लोकसभा चुनाव2024: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति नहीं बन सकी. इसके चलते सपा ने सूबे में अपने लिए नए साथी की तलाश कर ली है. पार्टी ने लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा चुनाव में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष और कुंडा विधायक राजा भैया की ओर हाथ बढ़ाया है.

कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का राजा भैय्या की पार्टी से गठबंधन हो सकता है. दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल राजा भैया से मिलने उनके आवास पहुंचे थे. इस दौरान नरेश उत्तम ने राजा भैया और अखिलेश यादव की फोन पर बात भी कराई.

कौन हैं राजा भैय्या?

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जन्म 31 अक्टूबर, 1969 को प्रतापगढ़ की भदरी रियासत में हुआ था. उनके पिता का नाम उदय प्रताप सिंह और माता का नाम मंजुल राजे है. उन्होंने 24 साल की आयु में अपने राजनीति करियर की शुरुआत की और 1993 में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.

राजा भैया 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी समर्थित तो 2002, 2007, 2012 के चुनाव में एसपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक चुने गए. राजा भैया कल्याण सिंह सरकार और एसपी की मुलायम सिंह सरकार में भी मंत्री बने. राजा भैय्या ने 2018 में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी बनाई.

विवादों से रहा है नाता

राजा भैय्या का विवादों से भी बड़ा नाता रहा है. उनपर हत्या और मारपीट जैसे कई केस दर्ज हैं. इतना ही नहीं वह जेल भी जा चुके हैं. 2002 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के आदेश पर बीजेपी विधायक पूरन सिंह को जान से मारने की धमकी के आरोप में उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को रद्द कर दिया

पोटा के तहत केस दर्ज

इसके बाद 2003 में राजा भैया के घर पर पुलिस ने छापेमारी की और उनके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए. इसके कुछ दिनों बाद ही पड़े एक और छापे में पुलिस ने राजा भैया के तालाब से एक व्यक्ति का कंकाल बरामद किया. इतना ही नहीं उन्हें आतंकी घोषित कर दिया गया और उनके खिलाफ आतंकवाद निवारण अधिनियम (पोटा) के तहत मामला दर्ज किया गया.

2004 में उनके आवास पर छापा डालने वाले पुलिस अधिकारी आरएस पांडेय की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. सीबीआई आज भी इस मामले की जांच कर रही है. उनका नाम डीएसपी जिया उल हक की हत्या कांड में शामिल रहा है.

3 मार्च 2013 को कुंडा में ग्रामीणों और पुलिस के बीच संघर्ष के दौरान जिया उल हक की हत्या हो गई थी. इसके बाद जियाउल हक की पत्नी ने उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया था. हाालंकि, बाद में सीबीआई ने राजा भैया को क्लीन चिट दे दी.

कितनी संपत्ति के मालिक हैं राजा भैया

चुनावी हलफनामे के मुताबिक राजा भैया 15 करोड़ 78 लाख 54 हजार 38 रुपये के मालिक हैं. राजा भैया के पास साढ़े 3 किलो सोना, 26 किलो चांदी है. वहीं, पत्नी के नाम 4 किलो सोना,10 किलो 509 ग्राम चांदी है.

राजा भैया के पास 95 हजार की पिस्टल, 83 हजार की रायफल और 42 हजार रुपए की बंदूक है. राजा की पत्नी भानवी देवी के पास 90 हजार की पिस्टल, 82 हजार की रायफल और 38 हजार रुपये की बंदूक है. राजा भैया के पास एक लैंड क्रूजर गाड़ी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 2 लाख 7 हजार 300 रुपये है.

स्त्रोत – ABP Live न्यूज़

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