पिलानी: पंचायत समिति क्षेत्र के मोरवा गांव में ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जल आपूर्ति और सिंचाई से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भाजपा नेता राजेश दहिया ने डीएमएफटी मद से स्वीकृत कुए के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी जल संसाधन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।
DMFT योजना से मोरवा को मिला विकास का नया आधार
मोरवा ग्राम में स्वीकृत कुआं जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) योजना के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के शुरू होने से ग्रामीणों को पेयजल और कृषि कार्यों के लिए नियमित जल उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कुआं आने वाले समय में गांव की जल समस्या को काफी हद तक दूर करेगा।
मुख्यमंत्री और जलदाय मंत्री का जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता राजेश दहिया ने इस विकास कार्य की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल का आभार व्यक्त किया। दहिया ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और DMFT जैसी योजनाएं गांवों की तस्वीर बदलने में प्रभावी साबित हो रही हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष बनवारी लाल सैनी, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सरोज श्योरान, किसान मोर्चा उपाध्यक्ष संदीप पारीक, सरपंच प्रतिनिधि रामू सिंह के साथ गोरधन सिंह, सांवत सिंह, मखन, राजेंद्र, वीरपाल और शेर सिंह सहित अनेक ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को गांव के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में अहम पहल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कुए का निर्माण न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे विकास कार्यों से क्षेत्र को लाभ मिलता रहेगा।
क्षेत्रीय विकास में DMFT परियोजनाओं की बढ़ती भूमिका
पिलानी क्षेत्र में DMFT मद से किए जा रहे विकास कार्य लगातार ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बना रहे हैं। मोरवा में शुरू हुआ यह कुआं निर्माण कार्य इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में जल संकट से स्थायी राहत मिलने की संभावना है।




