नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को GST में ऐतिहासिक सुधार का प्रस्ताव रखा है। नए ढांचे में सिर्फ दो टैक्स स्लैब—5% और 18% होंगे और सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह व्यवस्था दिवाली तक लागू हो सकती है। इस कदम से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और रोजमर्रा की इस्तेमाल की वस्तुएं सस्ती होंगी।
“नेक्स्ट जनरेशन” GST सुधार योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में जिस “नेक्स्ट जनरेशन” GST सुधार का जिक्र किया था, अब वह तेज़ी से हकीकत बनने जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने राज्य वित्त मंत्रियों की समिति को प्रस्ताव भेजा है कि मौजूदा चार टैक्स स्लैब को घटाकर सिर्फ दो किया जाए।
रोजमर्रा की वस्तुएं होंगी सस्ती
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा 12% टैक्स स्लैब में शामिल 99% वस्तुओं को घटाकर 5% वाले स्लैब में डालने की तैयारी है। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और उपभोग बढ़ेगा।
लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर सख्ती
सरकार ने संकेत दिया है कि तंबाकू उत्पादों और विलासिता की वस्तुओं पर 40% विशेष कर लगाया जाएगा। पेट्रोलियम उत्पाद फिलहाल GST दायरे से बाहर ही रहेंगे।
अर्थव्यवस्था और छोटे उद्योगों को फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि GST दरों में यह बदलाव न सिर्फ उपभोग बढ़ाएगा बल्कि छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को भी मजबूती देगा। नए ढांचे में रिटर्न फाइलिंग और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल होगी।
सितंबर में होगी चर्चा, दिवाली तक लागू होने की संभावना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली GST काउंसिल सितंबर में इस प्रस्ताव पर चर्चा करेगी। वित्त मंत्रालय का दावा है कि इसे जल्द लागू किया जाएगा ताकि इस वित्तीय वर्ष में ही आम लोगों तक इसका लाभ पहुंचे।





