सूरजगढ़: ब्लॉक स्थित अगवाना खुर्द के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के ट्रांसफर को लेकर 11 जनवरी से चल रहा विरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। शिक्षा विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की संयुक्त पहल से छात्रों को समझाइश दी गई, जिसके बाद विद्यार्थियों ने कल से नियमित स्कूल आने की सहमति जताई। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर शिक्षा व्यवस्था को फिर से सुचारू करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।
भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर के बाद शुरू हुआ था आंदोलन
अनिल कुमार के ट्रांसफर के बाद विद्यालय में विद्यार्थियों और ग्रामीणों द्वारा विरोध शुरू कर दिया गया था, जिससे बीते लगभग 12 दिनों से पढ़ाई बाधित रही। हालांकि शिक्षा विभाग की टीम लगातार घर-घर जाकर छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों को सरकार के नियमों और ट्रांसफर प्रक्रिया की जानकारी देकर समझाइश करती रही।
शिक्षा विभाग की सक्रिय पहल से बनी सहमति
पिछले दो दिनों से कुछ विद्यार्थी स्कूल पहुंचने लगे थे, जबकि अन्य छात्रों से भी शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार संपर्क में थे। जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों की समस्याएं सुनीं और ग्रामीणों को समझाया कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले पढ़ाई बाधित होना बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
बसंता देवी और अनिल शर्मा ने संभाला मोर्चा
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी और एसीबीईओ अनिल शर्मा अगवाना खुर्द पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा पर कोई बड़ा संकट न आए। स्कूल स्टाफ के साथ बैठक कर प्रधानाचार्या को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि कल से पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू की जा सके।
दिनेश सहारण की मध्यस्थता से निकला समाधान
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता दिनेश सहारण ने बताया कि नागौर सांसद एवं पार्टी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे पर जिला कलेक्टर से बातचीत की थी। दिनेश सहारण गुरुवार को अगवाना खुर्द पहुंचे और प्रशासन, अभिभावकों तथा विद्यार्थियों के बीच मध्यस्थता कर मामले को सुलझाया। इसके बाद छात्रों ने स्वयं सहमति जताकर विरोध समाप्त करने का निर्णय लिया।
कल से फिर शुरू होगी नियमित पढ़ाई, बेहतर परिणाम पर जोर
एसीबीईओ अनिल शर्मा ने जानकारी दी कि स्कूल स्टॉफ की बैठक लेकर पढ़ाई को गति देने और परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखी जाएगी, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।





