सूरजगढ़: स्वतंत्रता संग्राम के दो महान नायकों — भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद और शहीद खुदीराम बोस की जयंती पर काजड़ा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। राष्ट्रीय सरपंच संघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और निवर्तमान सरपंच व प्रशासक मंजू तंवर के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद एक प्रख्यात विधिवेत्ता, स्वतंत्रता सेनानी और महात्मा गांधी के निकट सहयोगी थे। वर्ष 1917 में चंपारण सत्याग्रह में शामिल होने के बाद उन्होंने वकालत छोड़ दी और आजादी मिलने तक हर आंदोलन में भाग लेते रहे। वह तीन बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए और संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में भारत का संविधान तैयार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे देश के प्रथम राष्ट्रपति बने और दो कार्यकाल तक इस पद पर रहकर सादगी एवं ईमानदारी का परिचय दिया।
बैठक में मौजूद लोगों ने देश की आजादी के लिए युवा क्रांति के प्रतीक रहे खुदीराम बोस को नमन किया। कहा गया कि मात्र 18 वर्ष की छोटी आयु में उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ साहसिक कदम उठाए और हंसते-हंसते मातृभूमि पर प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत आज भी युवाओं को देश की सेवा के लिए प्रेरित करती है।
काजड़ा ग्राम पंचायत में इस अवसर पर मौजूद मंजू तंवर ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की जयंती मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना है। कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद सैन और मनजीत सिंह तंवर ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में नागरिकों की भूमिका पर विचार रखे। वहीं, राकेश कुमार मनीठिया, राय सिंह शेखावत, होशियार सिंह सिंगाठिया, रमेश गुर्जर, अनिल जांगिड़, धीर सिंह नायक, विकास मारवाल, प्रकाश मेघवाल, कपिल गुर्जर, प्रेम सिंह नायक, चंद्रकला, पूजा स्वामी, सुमन मेघवाल और माया सिंगाठिया समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पर माल्यार्पण किया।




