ढाका, बांग्लादेश: भारत सरकार ने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि वह द्विपक्षीय संबंधों में नकारात्मकता फैलाना बंद करे और शेख हसीना की भारत में की गई टिप्पणियों को नई दिल्ली के रुख से जोड़ने से बचे।
इस संदर्भ में भारत ने बांग्लादेश में कार्यवाहक दूत नूरल इस्लाम को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में तलब किया। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि ढाका के अधिकारियों द्वारा भारत को लेकर दिए जा रहे नकारात्मक बयान अस्वीकार्य हैं और भारत सरकार इसका विरोध दर्ज कर रही है।

भारत का कड़ा रुख, बांग्लादेश के नकारात्मक प्रचार पर जताई आपत्ति
यह कूटनीतिक कदम ऐसे समय उठाया गया जब बांग्लादेश ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बढ़े को शेख हसीना के एक वर्चुअल संबोधन को लेकर ढाका के विदेश मंत्रालय में बुलाया था। इस संबोधन में हसीना ने बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की कड़ी आलोचना की थी।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंधों को प्राथमिकता देती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय बैठकों में भारत ने कई बार यह दोहराया है कि वह बांग्लादेश के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना चाहता है। लेकिन बांग्लादेश के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे बयान संबंधों में नकारात्मकता बढ़ा रहे हैं।”
बंगबंधु शेख मुजीब के आवास पर हमले के बाद तनाव बढ़ा
गौरतलब है कि 1971 के मुक्ति संग्राम में पाकिस्तान से बांग्लादेश को स्वतंत्र कराने वाले बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास पर बुधवार को हिंसक भीड़ ने हमला कर दिया था। ढाका के धानमंडी स्थित इस आवास को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

इस घटना के बाद, भारत में रह रहीं बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक वर्चुअल संबोधन में मोहम्मद यूनुस पर उनकी और उनकी बहन शेख रेहाना की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया।
शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश की राजधानी में छात्रों और युवाओं द्वारा सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के दौरान उपजे व्यापक विरोध के कारण देश छोड़ दिया था और तब से वह भारत में रह रही हैं।
बांग्लादेश को भारत की दो-टूक, हसीना की टिप्पणियों को नई दिल्ली से न जोड़ने की चेतावनी
मोहम्मद यूनुस ने 8 अगस्त को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद अवामी लीग ने एक बयान में आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के आवास को ध्वस्त होने से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
भारत ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और बर्बरता की इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नई दिल्ली ने बांग्लादेश के कार्यवाहक दूत को सौंपे गए राजनयिक नोट में स्पष्ट किया कि शेख हसीना की ओर से दी गई टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत राय हैं और इसका भारत सरकार की आधिकारिक स्थिति से कोई संबंध नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश को आगाह किया कि शेख हसीना की व्यक्तिगत टिप्पणियों को भारत के आधिकारिक रुख से जोड़ना द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मकता लाने में सहायक नहीं होगा। भारत ने यह भी कहा कि वह अपने प्रयासों से दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, लेकिन वह यह उम्मीद करता है कि बांग्लादेश भी माहौल को खराब किए बिना जिम्मेदारी से व्यवहार करेगा।




