राजस्थान महात्मा गांधी सेवा प्रेरक भर्ती: राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होने के साथ ही गहलोत की योजनाएं बंद हो रही है। भजनलाल सरकार ने गहलोत सरकार की एक ओर भर्ती को निरस्त कर दिया है। महात्मा गांधी सेवा प्रेरक भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी है। शांति एवं अहिंसा विभाग ने आदेश जारी कर दिए है। इससे पहले गहलोत की राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप बंद कर दी थी। बता दें प्रेरकों को 4500 रुपये मानदेय मिलता है। 50 हजार पदों के लिए गहलोत सरकार ने अगस्त 2023 में आवेदन लिए थे। भजनलाल सरकार के इस फैसले से 50 हजार युवा बेरोजगार हो जाएंगे। इससे पहले राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप बंद कर दी थी। इस योजना के बंद होने से भी करीब 50 हजार युवा बेरोजगार हो गए है। अब दोनों योजनाओं के बंद होने से करीब एक लाख युवाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
सीएम बोले थे नहीं करेंगे बंद
25 दिसंबर को बीजेपी कार्यालय में सीएम भजनलाल शर्मा ने साफ कहा था कि गहलोत सरकार की योजनाएं बंद नहीं होंगी। लेकिन सीएम के भाषण के बाद ही शाम को राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप बंद करने के आदेश जारी कर दिए। माना जा रहा है कि जल्द ही गहलोत सरकार की और योजनाएं बंद हो जाएंगी। सियासी जानकारों का ऐसा भी हो सकता है सरकार माहौल खराब होने के डर से योजनाएं बंद करने की आधिकारिक घोषणा नहीं करेगी, लेकिन बजट कम कर सकती है। बजट के अभाव में योजनाएं वैसे ही बंद हो सकती है। आने वाले दिनों में भजनलाल सरकार और बड़े फैसले ले सकती है।
राजस्थान में रिवाज कायम
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में हर पांच साल बाद सरकार बदलने का रिवाज कायम रहा है। इस बार गहलोत सरकार रिपीट नहीं हुई। सरकार बदलती है तो योजनाएं भी बंद हो जाती है।पिछली गहलोत सरकार ने अपने डेढ़ वर्ष से अधिक कार्यकाल में पिछली बीजेपी सरकार की करीब एक दर्जन योजनाओं के नाम बदल दिए हैं। पिछली वसुंधरा सरकार द्वारा शुरू की गई अन्नपूर्णा योजना का नाम बदलने से हुआ है। इंदिरा रसोई योजना के शुभारंभ के साथ शुरू हुई राजनीति अब आरोप प्रत्यारोप तक पहुंच गई थी। बीजेपी शासन में इन योजनाओं के बदले नामपिछली वसुंधरा सरकार ने राजीव गांधी सेवा केंद्रों का नाम अटल सेवा केंद्र किया था। अब कांग्रेस की सरकार आई तो इन केंद्रों का नाम बदलकर राजीव गांधी अटल सेवा केंद्र कर दिया गया। वसुंधरा सरकार में राजीव शिक्षा संकुल का नाम बदलकर डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल किया गया था।




