Sunday, April 6, 2025
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बाबू जगजीवन राम की जयंती समता दिवस के रूप में मनाई गई, दलित उत्थान और सामाजिक न्याय पर डाला गया प्रकाश

सूरजगढ़, 5 अप्रैल 2025: आदर्श समाज समिति इंडिया के तत्वावधान में और काजड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच मंजू तंवर के नेतृत्व में भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के प्रतीक और देश के प्रथम दलित उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की जयंती को समता दिवस के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने उनके प्रेरणादायी जीवन, उपलब्धियों और सामाजिक संघर्षों को याद किया।

स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधारकों को अर्पित की गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने गांधीवादी स्वतंत्रता सेनानी और पर्यावरण प्रेमी सरला बेन को भी उनकी जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सरला बेन ने विदेशी धरती पर जन्म लेकर भारत की स्वतंत्रता और समाज कल्याण के लिए आजीवन संघर्ष किया। साथ ही कार्यक्रम में महान समाज सुधारक और महिलाओं के अधिकारों की पुरजोर पक्षधर रहीं पंडिता रमाबाई तथा महात्मा गांधी के करीबी और स्वाधीनता संग्राम सेनानी सी.एफ. एंड्रयूज की पुण्यतिथि पर भी उन्हें भावपूर्ण नमन किया गया।

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बाबू जगजीवन राम के संघर्ष और योगदान को किया गया याद

समारोह को संबोधित करते हुए आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी ने कहा कि बाबू जगजीवन राम न केवल स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी योद्धा थे, बल्कि देश की राजनीति में भी उन्होंने एक मिसाल कायम की। वह पंडित नेहरू की अंतरिम सरकार में सबसे युवा मंत्री बने और आजीवन अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। वे देश के पहले श्रम मंत्री बने और संविधान सभा में सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत आधार देने का कार्य किया।

कृषि मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भारत ने हरित क्रांति का अनुभव किया, जिससे कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन आया। रक्षा मंत्री के रूप में भारत-पाक युद्ध 1971 में ऐतिहासिक विजय भी उनके कुशल नेतृत्व में संभव हुई। उन्होंने अपने 50 वर्षों के संसदीय जीवन में कभी चुनाव नहीं हारा और कैबिनेट में सबसे लंबी सेवा देने वाले नेता बने।

जातीय भेदभाव के विरुद्ध उठाई आवाज, फिर भी बनाए रखा सामाजिक सौहार्द

धर्मपाल गांधी ने बताया कि बाबू जगजीवन राम ने खुद भी जातीय भेदभाव का सामना किया, किंतु उन्होंने न तो कभी धर्म परिवर्तन किया और न ही किसी जाति या समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी की। उनका जीवन दलितों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष का प्रतीक रहा है।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की उपस्थिति में हुआ आयोजन

समता दिवस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। इनमें सुरेंद्र कुमार, पूजा शर्मा, धर्मेंद्र सिंह शेखावत, अनिल कुमार जांगिड़, रविंद्र कुमार, मनजीत सिंह तंवर, अशोक स्वामी, रामप्रताप कटारिया, मंजू कुमावत, कुणाल तंवर, जगदीश प्रसाद सैन, रायसिंह शेखावत, अशोक कुमार पुनिया, होशियार सिंह, सरजीत खाटीवाल और अशोक कुमावत प्रमुख रूप से शामिल रहे।

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सरपंच ने व्यक्त किया आभार

कार्यक्रम के समापन पर सरपंच मंजू तंवर ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबू जगजीवन राम जैसे महापुरुषों का जीवन हमें समानता, समर्पण और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में समरसता और जागरूकता लाने में सहायक सिद्ध होते हैं।

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