उत्तर प्रदेश: बस्ती जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने कथित तौर पर “लव जिहाद” से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि अजफरुल हक उर्फ प्रिंस और उसके गिरोह ने खुद को हिंदू बताकर, कलाई में कलावा पहनकर और शादी व अच्छी नौकरी का झांसा देकर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाया। बाद में पीड़िताओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया और कथित तौर पर देह व्यापार में धकेला गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस रैकेट के जरिए 300 से अधिक लड़कियों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। जांच में सामने आया है कि गिरोह की गतिविधियां सिर्फ बस्ती तक सीमित नहीं थीं, बल्कि इसके तार नेपाल समेत देश के कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।
प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली युवती कैसे बनी शिकार
इस पूरे मामले की शिकायत बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने दर्ज कराई है, जो बस्ती शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी। पीड़िता के अनुसार, जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने खुद को हिंदू बताया और सहानुभूति दिखाकर विश्वास जीतने की कोशिश की। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने बेहतर नौकरी दिलाने का लालच देकर युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। इसी दौरान उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर लिया और लगातार संपर्क में रहकर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया।
प्यार का दिखावा, शादी का वादा और इमोशनल ब्लैकमेलिंग
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले प्रेम का नाटक किया और फिर इमोशनल ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया। वह युवती की मजबूरी और भावनाओं का फायदा उठाने लगा। खुद को भरोसेमंद दिखाने के लिए आरोपी कलाई पर कलावा बांधे रहता था ताकि किसी को शक न हो। शादी का झांसा देकर भविष्य के सपने दिखाए गए और धीरे-धीरे युवती को पूरी तरह मानसिक रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया गया।
आपत्तिजनक वीडियो बनाकर धमकाया, विरोध पर डराया गया
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि आरोपी और उसके साथियों ने युवती के निजी वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया गया। पीड़िता के अनुसार, वीडियो के जरिए उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया गया और उसकी जिंदगी पूरी तरह नियंत्रण में ले ली गई। जब भी उसने विरोध करने की कोशिश की, उसे धमकियां दी गईं और डर का माहौल बनाकर चुप रहने पर मजबूर किया गया।
देह व्यापार और नेपाल भेजने के आरोप, मानव तस्करी एंगल से जांच
जांच में सामने आया है कि यह मामला सिर्फ ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं था। आरोप है कि कई पीड़िताओं को कथित तौर पर देह व्यापार में धकेला गया। गिरोह युवतियों को अलग-अलग राज्यों में भेजता था और कुछ मामलों में उन्हें नेपाल तक भेजे जाने के भी आरोप हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह एक संगठित मानव तस्करी नेटवर्क था, जो लंबे समय से सक्रिय था।
परिवार को धमकियां, अपहरण की चेतावनी से फैला डर
पीड़िता ने यह भी बताया कि जब उसने आरोपियों का विरोध किया तो उसके परिवार को धमकाया जाने लगा। परिवार को नुकसान पहुंचाने और अपहरण तक की चेतावनी दी गई। इसी डर के कारण कई पीड़िताएं लंबे समय तक सामने नहीं आ सकीं। पुलिस का मानना है कि इसी वजह से आरोपी इतने समय तक बचता रहा और लगातार अन्य युवतियों को अपने जाल में फंसाता रहा।
पुलिस की कार्रवाई: 8 के खिलाफ FIR, मुख्य आरोपी जेल में
पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





