सूरजगढ़: ब्लॉक के अगवाना खुर्द में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के ट्रांसफर ने बवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने दूसरे दिन भी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पर ताला जड़ कर रखा है और पढ़ाई स्कूल के बाहर करने की घोषणा कर दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन आंदोलन थमने को तैयार नहीं है।
अगवाना खुर्द में सोमवार को भी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का मुख्य गेट बंद रहा और ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने वही ताला लगा छोड़ दिया जिसे रविवार को जड़ा गया था। सुबह से दोपहर तक प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे और दो टूक घोषणा की गई कि भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार का ट्रांसफर रद्द होने तक स्कूल नहीं खुलेगा। बच्चों ने भी स्पष्ट कहा कि वे कक्षाओं में प्रवेश नहीं करेंगे और पढ़ाई स्कूल के बाहर ही करेंगे।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी तथा अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व विद्यार्थियों से बातचीत की। हालांकि काफी देर तक चली समझाइश किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। बच्चे व ग्रामीण एक ही मांग पर डटे रहे कि अनिल कुमार का स्थानांतरण वापस लिया जाए। स्कूल प्रधानाचार्य सैनिकोर ने भी बच्चों को समझाने की कोशिश की, लेकिन धरना नहीं रुका।
धरने के दौरान कक्षा 12 में पढ़ने वाली एक छात्रा की तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसे ग्रामीणों ने प्राथमिक इलाज कराया। इसके अलावा एक अन्य छात्रा भी स्वास्थ्य समस्या के कारण धरने से उठानी पड़ी। दोनों की स्थिति बाद में सामान्य बताई गई। शर्द मौसम और तनावपूर्ण माहौल के कारण अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
अगवाना खुर्द के ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफर आदेश छात्रों के हितों के खिलाफ है। लोगों का कहना है कि 2021 से कार्यरत भूगोल व्याख्याता अनिल ने शिक्षा स्तर बढ़ाया है, कई प्रतिभाशाली छात्र तैयार किए हैं और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार कराया है। ग्रामीणों के अनुसार भामाशाहों ने भी उन्हीं की प्रेरणा पर विद्यालय में विकास कार्य करवाए हैं और ऐसे शिक्षक का जाना गांव के भविष्य को नुकसान पहुंचाएगा।
विरोध जताने के लिए सोमवार सुबह ग्रामवासी सूरजगढ़ पहुंचे और पूर्व सांसद संतोष अहलावत से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत सुनकर आश्वासन दिया कि मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
गांव के जनप्रतिनिधि चरणसिंह लुणायच ने धरने पर बैठे लोगों से चर्चा की और कहा कि प्रशासन से बात करने के लिए दो दिन का समय दिया जाए। हालांकि विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि ताला तभी खुलेगा जब आदेश निरस्त होंगा।
रविवार सुबह जैसे ही ट्रांसफर आदेश गांव पहुंचा, ग्रामीण, अभिभावक और सैकड़ों विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। अनिल की बदली से आहत लोगों ने मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया था और चेतावनी दी कि बिना आदेश वापस लिए एक भी छात्र अंदर नहीं जाएगा। विरोध में राजकरण मान, जयसिंह मान, अजयपाल फोगाट, श्रवण फोगाट, सीताराम जांगिड़, महेंद्र सिंह, राधेश्याम, रामजीलाल, अमीलाल, राजेंद्र, दलीप, मीरा, ओमपति, मंजू, माया और बिमला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं व विद्यार्थी शामिल रहे।





