फीस वृद्धि को लेकर अरविंद केजरीवाल का बीजेपी पर हमला, कहा – ‘शिक्षा माफिया की वापसी’

फीस वृद्धि को लेकर अरविंद केजरीवाल का बीजेपी पर हमला, कहा – 'शिक्षा माफिया की वापसी'

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को लेकर सरकार को घेरा और शिक्षा माफिया की वापसी का आरोप लगाया।

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केजरीवाल ने किया बीजेपी सरकार पर तीखा प्रहार

अरविंद केजरीवाल ने 4 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक अखबार की कटिंग साझा की, जिसमें दिल्ली में निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने के खिलाफ पैरेंट्स के शिक्षा मंत्रालय जाने की खबर थी। इस पोस्ट के साथ केजरीवाल ने लिखा,

“दस साल में हमने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को अनाप-शनाप फीस नहीं बढ़ाने दी। शिक्षा माफिया का खात्मा किया। इनकी (बीजेपी) सरकार बनने के एक महीने में ही शिक्षा माफिया फिर से वापस आ गया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। लेकिन जैसे ही बीजेपी सत्ता में आई, शिक्षा माफिया फिर से सक्रिय हो गया है।

AAP ने शिक्षा व्यवस्था को बताया खतरे में

केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने निजी स्कूलों पर नियंत्रण रखते हुए अभिभावकों को राहत देने का काम किया था, लेकिन बीजेपी सरकार के सत्ता में आते ही शिक्षा माफिया फिर से हावी होने लगा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि,

“क्या बीजेपी सरकार निजी स्कूलों को खुली छूट देना चाहती है ताकि वे अभिभावकों से मनमानी फीस वसूल सकें? यह जनता के हितों के खिलाफ है और बीजेपी को इस पर जवाब देना चाहिए।”

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AAP का BJP पर लगातार हमला

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी लगातार बीजेपी सरकार पर हमलावर रही है। हाल ही में दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी सरकार को घेरते हुए महिलाओं के खातों में ₹2500 की योजना को लेकर सवाल उठाए थे। इसके अलावा, दिल्ली सरकार के पहले बजट को लेकर भी AAP ने आलोचना की थी।

आतिशी ने दावा किया था कि दिल्ली बीजेपी का इस साल का बजट ₹1 लाख करोड़ का है, लेकिन वित्त विभाग के अनुसार अप्रैल में सिर्फ 5 प्रतिशत यानी लगभग ₹60 हजार करोड़ ही खर्च होंगे।

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