पचेरी कलां: थाना क्षेत्र से बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 19 लाख रुपये ठगने वाले आरोपी शेरसिंह योगी उर्फ सुभाष, पुत्र दाताराम योगी, निवासी गांव काकड़ा, थाना पचेरी कलां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी रूद्रनारायण को भी पकड़ चुकी है। पीड़ित परिवार से मिली शिकायत के आधार पर थाना पचेरी कलां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगी गैंग में शामिल लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
परिवादी अनिल कुमार निवासी पचेरी कलां ने न्यायालय खेतड़ी में दायर इस्तगासा में बताया कि वह कांकड़ा में मेडिकल स्टोर चलाता है। इसी दौरान उसका परिचित शेरसिंह, जो रिश्ते में चाचा लगता है और गांव में दुकान संचालित करता है, साथ बैठने-बैठाने के दौरान सरकारी नौकरी लगवाने की बात करने लगा। आरोपी शेरसिंह के साथ राकेश, विकास, सुनिल और रूद्रनारायण मिलकर युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर रहे थे।
राकेश और विकास ITBP में कार्यरत होने के कारण परिवादी और उसके रिश्तेदारों का विश्वास और मजबूत हुआ। अभियुक्तों ने दावे किए कि वे राजस्थान के विभिन्न विभागों में युवाओं को नियुक्त करवा चुके हैं। इसी भरोसे में परिवादी और उसके रिश्तेदार फंस गए।
अनिल कुमार ने अपने बेटे विशाल, भांजे निखिल और साले राकेश के पुत्र गजेन्द्र को नौकरी दिलवाने के लिए कुल 19 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए। नौकरी के नकली प्रमाण पत्र राजस्थान जन संसाधन विभाग, जयपुर के नाम से दिए गए।
जब नियुक्ति पत्र संदिग्ध लगे और विभागों में नाम सत्यापित नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार को ठगी का एहसास हुआ। जिसके बाद पचेरी कलां थाने में मामला दर्ज करवाया गया और जांच शुरू हुई।
थाना पचेरी कलां प्रभारी बनवारीलाल की टीम ने पहले रूद्रनारायण को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद शेष आरोपी शेरसिंह योगी उर्फ सुभाष को जिला जेल झुंझुनूं से प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया और औपचारिक गिरफ्तारी की गई।
अनुसंधान में लगातार दस्तावेज, लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और फर्जी नियुक्ति पत्र जब्त किए जा रहे हैं। ठगी में शामिल अन्य आरोपियों भी पुलिस की रडार पर हैं और तलाश जारी है।
जांच टीम अब बैंक लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट की मदद से नेटवर्क और पैसों के अंतिम ठिकाने की तलाश कर रही है।





