चिड़ावा: शहर में आज एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां गुजरात की एक फर्म एम के गोल्ड से प्राइवेट बैंक में जमा गोल्ड छुड़वाने को लेकर हुई धोखाधड़ी के मामले के आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे। चिड़ावा पुलिस के जवानों ने पीछा कर उनमें से दो आरोपियों को आम नागरिकों के सहयोग से धर दबोचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार किशोरपुरा निवासी रजनीश डारा ने गुजरात के सूरत की एक फर्म से ऑनलाइन तरीके से संपर्क किया और बताया कि उसका गोल्ड कैप्री गोल्ड लोन बैंक में जमा है जिसे वह छुड़वाना चाहता है। रजनीश ने बैंक में जमा गोल्ड की रसीदें व अन्य कागजात भी फर्म को भिजवाए।

सूरत की यह फर्म बैंकों में जमा गोल्ड को कमीशन के आधार पर छुड़वाने का काम करती है। फर्म के प्रतिनिधि मेहुल भाई अपने साथियों के साथ मंगलवार रात को सूरत से चिड़ावा पहुंच गए। रजनीश ने सूरत से पहुंचे लोगों को सुलताना के एक होटल में ठहराया व बुधवार सुबह बैंक चलने की बात कही।

बुधवार सुबह जब रजनीश और फर्म के प्रतिनिधि चिड़ावा के पिलानी रोड़ स्थित कैप्री गोल्ड लोन बैंक पहुंचे तो बैंक के अधिकारियों ने बताया कि लोन का पेमेंट जिसने लोन लिया है उसी के खाते से किया जाएगा। इसपर गुजरात की फर्म के प्रतिनिधियों ने 6 लाख 78 हजार रुपए रजनीश के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

बैंक को पैसा ट्रांसफर कर गोल्ड छुड़वाने की बात पर रजनीश ने कहा कि वह अपना चेक घर पर ही भूल गया है। सूरत की फर्म के प्रतिनिधि के आरोपों के अनुसार घर से चेक लाने की बात कह कर रजनीश उसे बाइक पर बैठाकर किशोरपुरा गांव ले गया।
आरोप है कि गांव से पहले ही एक बाड़े में बाइक रोक दी गई जिसमें पहले से 7 से 8 हथियारबंद लोग बैठे थे। रजनीश मेहुल भाई को बाड़े में छोड़कर चला गया। बाड़े में मौजूद बदमाशों ने मेहुल भाई को डराया धमकाया। लगभग 2 घंटे बाद मेहुल भाई को एक बिना नंबर की काले शीशों वाली कार में बैठाकर धमकियां दी गई व मोबाइल से अलग-अलग खातों में 40 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। बार बार की गई मिन्नतों के बाद मेहुल भाई को झुंझुनूं -गुढा रोड़ पर छोड़ दिया गया।

गुरुवार सुबह मेहुल भाई अपने साथ आए कंपनी के लोगों के साथ चिड़ावा पुलिस थाने पहुंचे। पूरी घटना की जानकारी प्राप्त कर चिड़ावा थाने से एसआई कैलाश चन्द्र, हेड कांस्टेबल जगदीप राव, कांस्टेबल अमित डाटिका, योगेश शर्मा, आसूचना अधिकारी महेन्द्र यादव फर्म प्रतिनिधि मेहुल भाई को लेकर पिलानी रोड़ स्थित बैंक में पेमेंट होल्ड करवाने पहुंचे।

बैंक में जब पुलिस मामले की जानकारी प्राप्त कर रही थी इसी दौरान रजनीश अपने साथियों के साथ बैंक में पहुंच गया। मेहुल भाई ने रजनीश को पहचान लिया जिसपर आरोपी घबरा कर भागने लगे। इस दौरान एक आरोपी थोड़ी दूर स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में घुस गया जिसे पुलिस ने पकड़ लिया।

दूसरा आरोपी भाग कर सड़क पार कर नोहरे व घरों में घुसते हुए एक घर में घुस गया और एक खटिया के पीछे छुप गया। इस घटनाक्रम से डरी खाना बना रही घर की मालकिन ने शोर मचाकर मोहल्ले के लोगों को इकट्ठा कर लिया। मोहल्ले वालों ने आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
इस दौरान एक आरोपी को चोटें भी आईं जिसका बाद में पुलिस द्वारा मेडिकल भी करवाया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर ही है। आशंका है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




