पिलानी: कस्बे के राजगढ़ रोड स्थित विश्वकर्मा मंदिर परिसर में भगवान विश्वकर्मा की जयंती श्रद्धा, आस्था और सामाजिक चेतना के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा तहसील सभा पिलानी और विश्वकर्मा मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ समाज को संगठित, शिक्षित और कुरीतियों से मुक्त करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जांगिड़ समाज के गणमान्य नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली, जिससे आयोजन सामाजिक एकता का प्रतीक बना।
भगवान विश्वकर्मा जयंती का आयोजन अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा तहसील सभा पिलानी एवं विश्वकर्मा मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मामचंद सोनानिया ने की, जबकि पंडित सज्जन मिश्रा और हेमन्त शर्मा के आचार्यत्व में मुकुंदा राम जांगिड़ की यजमानी से भगवान विश्वकर्मा का विधिवत हवन एवं पूजन संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने विश्वकर्मा भगवान से समाज और राष्ट्र की उन्नति की कामना की।
हवन-पूजन के पश्चात आयोजित बैठक में उपस्थित समाजजनों ने विश्व शांति की कामना करते हुए सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में समाज से कुरीतियों को समाप्त करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठित और शिक्षित समाज ही प्रगति का आधार होता है, जिसके लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में रामनिवास जांगिड़, बनवारी जांगिड़, दिनेश जांगिड़, अनिल जांगिड़, नत्थूराम सोनानिया, दुर्गाप्रसाद जांगिड़ और पूरणमल जांगिड़ सहित अनेक वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति रही। वहीं विजेन्द्र जांगिड़, सत्यवीर जांगिड़ डींगली, अशोक जांगिड़, रामनिवास जायलवाल, प्रताप जांगिड़, निहाल सिंह जांगिड़ और परमेश्वर जांगिड़ ने भी आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके साथ ही रामरिख जांगिड़, हरिकिशन जांगिड़, कैलाशचन्द्र जांगिड़, हर्ष शर्मा, लीलाधर जांगिड़, सुरेंद्र जांगिड़ बनगोठड़ी, महेश जांगिड़ जीणी, संदीप जांगिड़ नूंहद, सुरेंद्र सोनानिया, सतवीर नेशल, रामदेव जांगिड़, विनोद जांगिड़, संदीप जांगिड़ पावड़िया ढाणी, विशम्बर जांगिड़ डींगली, मोहरसिंह जांगिड़ बनगोठड़ी और तुलसाराम जांगिड़ की सहभागिता से कार्यक्रम और भी गरिमामय बना।
महिलाओं में भारती, तनु आइना, मोनिका, सरला, संगीता, ज्योति, अंजलि और दिव्या सहित अनेक मातृशक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को सामाजिक समरसता का स्वरूप प्रदान किया।
धार्मिक अनुष्ठान और विचार-विमर्श के उपरांत सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें समाजहित में निरंतर ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया गया।





