पिलानी: थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग मामले में गिरफ्तारी नहीं होने पर गुस्सा भड़क गया है। भीम आर्मी और सामाजिक संगठनों ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए धरना–प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह मामला दुष्कर्म, नाबालिग उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग, पिलानी पुलिस, अपराध के खिलाफ आंदोलन, जैसे संवेदनशील मुद्दों के कारण तेजी से चर्चा में है।
पिलानी शहर में बुधवार को भीम आर्मी के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गंभीर अपराध के बावजूद पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे पीड़ित परिवार पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि न्याय में देरी पीड़िता को दोबारा पीड़ा देने जैसा है।
पीड़िता की मां ने बताया कि वह आरोपियों के घर सफाई का काम करती थी। कई बार अपनी नाबालिग बेटी को भी साथ ले जाती थी। इसी दौरान अधेड़ उम्र के तीन से चार लोगों ने मौका पाकर किशोरी को हवस का शिकार बनाया। आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया और पिछले दो साल तक उसे धमकाकर गलत काम करने के लिए मजबूर किया। धमकियों और समाज के डर के कारण पीड़िता ने यह राज छिपाए रखा।
लगातार बढ़ती मानसिक यातना के बाद किशोरी ने पूरी घटना अपनी मां को बताई। उसके बाद पीड़ित परिवार ने पिलानी थाने में मामला दर्ज करवाया। लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को कानून के शिकंजे में नहीं लाया गया है।
स्थानीय नागरिकों के साथ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि गिरफ्तारी होने तक धरना खत्म नहीं होगा। भीम आर्मी नेताओं ने चेतावनी दी है कि आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा, यदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की।




