पिलानी: श्रीमती इंद्रमणि मंडेलिया शिक्षा निकेत महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मनोचिकित्सक संदीप डूडी ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव, डिप्रेशन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, कॉलेज स्टूडेंट्स में तनाव और आत्महत्या रोकथाम जैसे मुद्दों पर यह कार्यशाला केंद्रित रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य अशोक कुमार ने की। उन्होंने कहा कि आज के समय में मानसिक तनाव युवाओं के सफलता मार्ग में बड़ी बाधा बन चुका है और इसे समाप्त करने के लिए कॉलेज, परिवार और समाज को मिलकर कार्य करना होगा।

मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट संदीप डूडी ने छात्रों में आत्महत्या के कारणों को समझाते हुए कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया की काल्पनिक दुनिया में उलझकर युवा वास्तविक जीवन की चुनौतियों से भागने लगे हैं। उन्होंने कहा— “अपनी भावनाओं को भीतर दबाने के बजाय, माता-पिता, शिक्षकों और मित्रों से साझा करना बेहद जरूरी है।” उनके अनुसार, संघर्ष जीवन का हिस्सा है और उसे अपनाकर आगे बढ़ना ही मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
कार्यक्रम में उपप्राचार्या दीप्ति कौशिक ने मनोचिकित्सकों की समाज में महत्ता बताते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व देना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ मन से ही स्वस्थ समाज बनता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी सावित्री पूनिया ने आभार व्यक्त किया। संचालन नितेंद्र पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में व्याख्याता विनोद नेहरा, मनीषा सैनी, प्रमोद शर्मा, पूजा सांगवान, ज्योति वर्मा, अजीत कुमार, संदीप सैनी, परवीन और एनसीसी अधिकारी कैलाश चंद सैनी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।




