पिलानी, 10 जुलाई: जिले की पिलानी पंचायत समिति क्षेत्र के दोबड़ा गांव में एक प्राइवेट फर्म के सोलर प्लांट के पोल लगाये जाने पर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि तहसील प्रशासन के साथ विद्युत विभाग के अधिकारी और पिलानी, सूरजगढ़, चिड़ावा, सुलताना व महिला थाना के इंचार्ज ऑफिसर भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि इसके बावजूद ग्रामीणों और सोलर प्लांट लगा रही फर्म के लोगों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
दोबड़ा गांव के विरेन्द्र कुल्हरी द्वारा राज्य सरकार की पीएम कुसुम कम्पोनेंट ए योजना के तहत 2 मेगावाट क्षमता का विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। विद्युत विभाग के साथ ललिता देवी के नाम से फर्म बना कर बाकायदा एग्रीमेंट किया गया है। एग्रीमेंट के अनुसार विरेन्द्र कुल्हरी के खेत पर लगाए जाने वाले सोलर प्लांट पर बनने वाली 2 मेगावाट बिजली, गांव से 4 किलोमीटर दूर बिजौली ग्रिड सब स्टेशन पर पहुंचाई जाएगी। इसके लिए दोबड़ा से बिजौली तक लाइन डालने के लिए सम्बन्धित फर्म द्वारा बिजली के सीमेंटेड पोल लगाने का काम किया जा रहा है। सोलर प्लांट से बिजौली जीएसएस तक बिजली के पोल और लाइन खेतों से होकर गुजरेंगे।
दोबड़ा गांव में संजय, दलीप, पंकज कस्वां, सत्यवीर, धर्मपाल, मानसिंह, मीर सिंह, सुबे सिंह सहित करीब 20 किसानों की खेती इससे प्रभावित होगी। प्रभावित होने वाले किसानों का कहना है कि उन्हें अपने खेत में लगने वाले बिजली के पोल की ऐवज में मुआवजा दिया जाए, अन्यथा वे पोल नहीं लगने देंगे। आज सुबह जब सम्बन्धित फर्म के लोग ट्रैक्टर में सीमेंटेड पोल लेकर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने इसका तीखा विरोध किया।
विवाद बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीयों को भी दी गई। इसके बाद मौके पर पिलानी नायब तहसीलदार हरीश कुमार यादव, सूरजगढ़ से विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता धर्मवीर सोलंकी पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से बात की। टकराव बढ़ता देख पिलानी थानाधिकारी रणजीत सिंह सेवदा, चिड़ावा थानाधिकारी आशाराम गुर्जर, झुंझुनू महिला थाना इंचार्ज सूरजगढ़ थानाधिकारी हेमराज, सुलताना थानाधिकारी रविन्द्र कुमार भी जाब्ते के साथ दोबड़ा पहुंचे।

कई घंटों की मशक्कत के बाद भी ग्रामीण बिना मुआवजा दिए अपने खेत में पोल नहीं लगाने देने की बात पर अटके रहे। अन्ततः बिना किसी निष्कर्ष के सभी अधिकारी वापस लौट गए। इससे पहले नायब तहसीलदार हरीश कुमार यादव ने पुलिस व विद्युत विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बताया कि मुआवजे को लेकर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। शीघ्र ही इस पर दोबारा प्रभावित किसानों व ग्रामीणों से वार्ता की जाएगी।
सरपंच राजेश कस्वां ने बताया कि सोलर प्लांट के लिए बिजली के पोल लगाए जाने हैं, लेकिन खेतों में किसानों की फसलें खड़ी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा फिलहाल इस काम को एक बार रोक दिया गया है। ग्रामीण सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि आबादी भूमि में घरों के ऊपर से व खेतों से होकर सौर ऊर्जा संयंत्र की बिजली के लिए लाइन डालने का काम हो रहा था, जिसे ग्रामीणों ने विरोध कर रुकवाया है। मुआवजा किसानों का हक है, जिसके बिना ये लाइन नहीं डालने दी जाएगी। साथ ही इस प्लांट की लाइन आबादी से दूर होनी चाहिए।
हमने इस मुद्दे पर हमने सोलर प्लांट लगाने वाली फर्म के विरेन्द्र कुल्हरी से बात करनी चाही, लेकिन वो उपलब्ध नहीं हो पाए।
इससे पहले जून में बिजौली गांव में भी इस कम्पनी द्वारा पीडब्ल्यूडी की सड़कों को तोड़ कर सीमेंटेड पोल लगा दिए गए थे, जिसका भी ग्रामीणों ने विरोध किया था। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता ने इस पर सम्बन्धित फर्म के खिलाफ पिलानी तहसीलदार को लिखित शिकायत दी थी।