नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत को चिट्ठी लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। यह चिट्ठी फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले लिखी गई है। केजरीवाल ने चिट्ठी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कथित आचरण और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
बीजेपी के आचरण पर सवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया है कि बीजेपी के नेता खुलेआम धन बांट रहे हैं। उन्होंने मोहन भागवत से पूछा कि क्या आरएसएस इस तरह की गतिविधियों का समर्थन करती है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर दलित और पूर्वांचल समुदाय के वोट काटे जा रहे हैं। केजरीवाल ने सवाल किया कि क्या आरएसएस को यह उचित लगता है और क्या इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कदम नहीं माना जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर चिंता व्यक्त
केजरीवाल ने आगे लिखा कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने मोहन भागवत से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या आरएसएस बीजेपी के इन कार्यों को सही मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन कर रही है और लोकतंत्र की आत्मा को नुकसान पहुंचा रही है।
पिछली चिट्ठी में भी उठाए थे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब अरविंद केजरीवाल ने मोहन भागवत को चिट्ठी लिखी है। तीन महीने पहले भी केजरीवाल ने भागवत को पत्र लिखकर पांच मुद्दों पर सवाल उठाए थे। उस चिट्ठी में उन्होंने बीजेपी पर अन्य पार्टियों के नेताओं को तोड़ने, भ्रष्ट नेताओं को पार्टी में शामिल करने और आरएसएस और बीजेपी के आपसी संबंधों पर सवाल खड़े किए थे।
दिल्ली चुनाव की पृष्ठभूमि में चिट्ठी की अहमियत
दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले लिखी गई यह चिट्ठी राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना है। ऐसे में केजरीवाल द्वारा मोहन भागवत को लिखी गई इस चिट्ठी से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।