दलाई लामा से अमेरिकी सांसदों की मुलाकात: चीन भड़का, भारत-अमेरिका संबंधों पर प्रभाव?

दलाई लामा से अमेरिकी सांसदों की मुलाकात: अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की दलाई लामा से मुलाकात ने चीन, अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में हलचल मचा दी है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब चीन और अमेरिका अपने संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, और भारत-चीन संबंधों में भी तनाव है।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सात सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल इस महीने भारत दौरे पर है। उन्होंने दलाई लामा से मुलाकात की, जो तिब्बत के निर्वासित आध्यात्मिक नेता हैं। प्रतिनिधिमंडल ने भारत से संचालित निर्वासित तिब्बत सरकार के अधिकारियों से भी मुलाकात की। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने हाल ही में एक विधेयक पारित किया है जो चीन से तिब्बत के नेताओं के साथ बातचीत करने और तिब्बती लोगों की स्वायत्तता का सम्मान करने का आग्रह करता है।

दलाई लामा कौन हैं

दलाई लामा का जन्म 1935 में हुआ था और उन्हें 14वें दलाई लामा के रूप में मान्यता दी गई थी। 1959 में चीन के कब्जे से बचने के लिए वे भारत भाग गए थे। उन्हें 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दलाई लामा तिब्बत के लिए वास्तविक स्वायत्तता चाहते हैं, न कि पूर्ण स्वतंत्रता।

चीन की आपत्ति

चीन दलाई लामा को एक अलगाववादी मानता है और उनकी किसी भी विदेशी नेता से मुलाकात का विरोध करता है। चीन का यह भी कहना है कि उसे दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनने का अधिकार है, जबकि दलाई लामा का कहना है कि यह निर्णय केवल तिब्बती लोगों द्वारा ही लिया जा सकता है।

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