मीडिया रिपोर्ट : टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब केवल 11 दिन बचे हैं, लेकिन टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद अब पाकिस्तान की भागीदारी पर भी सस्पेंस बन गया है, जिससे आईसीसी, बीसीसीआई, और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई हलचल पैदा हो गई है।
पीसीबी ने प्रधानमंत्री से मांगी सलाह, फैसला टला
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात कर स्थिति पर सलाह ली। उम्मीद थी कि बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा, लेकिन मोहसिन नकवी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि अंतिम निर्णय शुक्रवार या अगले सोमवार को घोषित किया जाएगा।
पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है यह ड्रामा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने का फैसला नहीं कर सकता, क्योंकि ऐसा करने पर आईसीसी बांग्लादेश को दोबारा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शामिल कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो यह पीसीबी के लिए कूटनीतिक और खेलीय नुकसान साबित हो सकता है।
बांग्लादेश विवाद और सुरक्षा चिंता ने बढ़ाया तनाव
मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी20 वर्ल्ड कप को मुद्दा बनाते हुए भारत में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। इसके चलते बीसीसीआई और आईसीसी के साथ रिश्तों में भी तनाव बढ़ा। हालांकि, अब संभावना जताई जा रही है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है, तो आईसीसी बांग्लादेश को रिप्लेसमेंट के तौर पर वापस बुला सकती है, क्योंकि 7 फरवरी को पहले मैच में अब केवल 10 दिन से थोड़ा अधिक समय बचा है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश की जुगलबंदी पर उठे सवाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बांग्लादेश के समर्थन में टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार पर विचार कर रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यदि पाकिस्तान हटता है, तो बांग्लादेश को ग्रुप ए में उसकी जगह दी जा सकती है और बीसीबी के अनुरोध के अनुसार श्रीलंका में अपने मैच खेलने का मौका मिल सकता है।
आईसीसी और बीसीसीआई समझौते के उल्लंघन का खतरा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का निर्णय लिया, तो यह आईसीसी, बीसीसीआई और पीसीबी के बीच हुए समझौते का उल्लंघन माना जा सकता है। गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का ऐलान कर चुका है, जिससे यह संभावना कम लगती है कि वह टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर बढ़ता सस्पेंस
अब सभी की निगाहें पीसीबी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। अगर निर्णय में और देरी हुई, तो ग्रुप ए में पाकिस्तान की जगह किसी अन्य टीम को शामिल करने का समय बेहद कम रह जाएगा। ऐसे में यह विवाद आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक सिरदर्द बन सकता है।





